हनोई/नई दिल्ली। वियतनाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फु क्वोक (Phu Quoc) द्वीप के निकट शनिवार को एक भीषण नौका दुर्घटना में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब एक स्पीडबोट द्वीप भ्रमण के बाद वापस लौट रही थी। दुर्घटना में कई लोग घायल हुए, जबकि अन्य यात्रियों को स्थानीय बचाव दल और आसपास मौजूद नौकाओं की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाव में 32 भारतीय पर्यटक, चालक दल के सदस्य और अन्य कर्मचारी सवार थे। वापसी के दौरान समुद्र में तेज लहरों और खराब मौसम के बीच नाव संतुलन खो बैठी और तट से कुछ ही दूरी पर पलट गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, तटरक्षक बल और बचाव एजेंसियों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। लगभग 21 लोगों को जीवित बचा लिया गया, जबकि मृतकों की संख्या 15 बताई गई है।
भारतीय दूतावास सक्रिय
हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि वह वियतनाम के स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है। पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए हनोई और हो ची मिन्ह सिटी में आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। दूतावास ने मृतकों की पहचान और उनके पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
दुर्घटना की जांच के आदेश
वियतनाम सरकार ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों में खराब मौसम और ऊंची लहरों को संभावित कारण बताया गया है, हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि नाव की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा प्रबंधों और संचालन संबंधी सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी।
शोक की लहर
इस दुखद घटना से भारत में मृतकों के परिजनों और संबंधित राज्यों में शोक का माहौल है। केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और विदेश मंत्रालय वियतनाम सरकार के साथ समन्वय कर रहा है। कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
समुद्री पर्यटन में सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद समुद्री पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों, मौसम संबंधी चेतावनी प्रणाली, यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट की उपलब्धता तथा नौकाओं के संचालन संबंधी नियमों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन स्थलों पर मौसम संबंधी जोखिमों का समय रहते आकलन और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



