तेहरान/नई दिल्ली, 4 जुलाई 2026: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थीं।
कार्यक्रम का विवरण
ईरान की राजधानी तेहरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारी भीड़ उमड़ी। विश्व के कई देशों के प्रतिनिधि इस ऐतिहासिक विदाई में शामिल हुए। भारत सरकार की ओर से भेजे गए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
बिहार राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने समारोह में भाग लिया और ईरानी नेतृत्व को भारत की संवेदनाएं व्यक्त कीं। विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा के साथ उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति और अन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की।
भारत-ईरान संबंधों का महत्व
भारत और ईरान के बीच लंबे समय से मजबूत सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग जारी है। खामेनेई के निधन पर भारत ने आधिकारिक शोक व्यक्त किया था।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के निमंत्रण पर यह प्रतिनिधिमंडल तेहरान गया था।
बिहार राज्यपाल का प्रोफाइल
लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के अनुभवी अधिकारी हैं। वे जम्मू-कश्मीर में भी सेवा दे चुके हैं और वर्तमान में बिहार के राज्यपाल हैं। उनकी उपस्थिति भारत की कूटनीतिक परंपरा को दर्शाती है।
समारोह की खास बातें
- तेहरान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
- दुनिया भर से लाखों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
- ईरान ने इस कार्यक्रम को बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया।
भारत का यह कदम दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



