अहमदाबाद, 4 जुलाई 2026: गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक सक्रिय आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें दो नाबालिग (18-22 वर्ष) भी शामिल हैं। ये आरोपी पाकिस्तान स्थित जैश हैंडलर्स के संपर्क में थे और गुजरात में आतंकी नेटवर्क स्थापित करने की साजिश रच रहे थे।
ऑपरेशन का विवरण
गुजरात ATS की विशेष टीमों ने 2 जुलाई 2026 को गुजरात के विभिन्न जिलों (बनासकांठा, पाटन, नवसारी आदि) और मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक साथ छापेमारी की। इस संयुक्त अभियान में 5 ATS टीमें शामिल थीं।
गिरफ्तार आरोपी:
- मुख्य रूप से 18 से 40 वर्ष तक के युवा।
- इनमें से कई सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने में सक्रिय थे।
पाकिस्तानी कनेक्शन
आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स अब्दुल्लाह और मोहम्मद उमर के नियमित संपर्क में थे। वे उनके निर्देशों पर काम कर रहे थे। मॉड्यूल का नाम “दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद” रखा गया था। यह संगठन मसूद अजहर से प्रेरित था।
बरामदगी
- रेडिकल साहित्य और जैश प्रचार सामग्री (वीडियो, किताबें, फाइलें)।
- उर्दू में मसूद अजहर को पत्र।
- मोबाइल फोनों से इंक्रीमिनेटिंग चैट और संपर्क।
- लगभग 3 लाख रुपये नकद।
- अन्य दस्तावेज और डिजिटल उपकरण।
पुलिस का बयान
गुजरात ATS के DIG सुनील जोशी ने बताया कि आरोपी गुजरात और देश के अन्य हिस्सों में जैश का सक्रिय नेटवर्क बनाने और आतंकी हमले की तैयारी कर रहे थे। वे युवाओं को रेडिकलाइज कर भर्ती कर रहे थे। सभी आरोपियों पर UAPA (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) और Bharatiya Nyaya Sanhita की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। सभी को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
यह कार्रवाई भारत की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है। जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन है, जिसे भारत में कई बड़े हमलों (जैसे पुलवामा) का जिम्मेदार माना जाता है। गुजरात में इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता है।
गुजरात सरकार और केंद्र दोनों ने इस ऑपरेशन की सराहना की है। आगे की जांच में और लिंक्स सामने आने की संभावना है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



