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लखनऊ प्रशासन की औद्योगिक एवं अग्नि सुरक्षा पहल: सुरक्षित कल की ओर एक कदम

लखनऊ, 3 जुलाई 2026: हाल ही में लखनऊ के अलीगंज इलाके में कोचिंग सेंटर में हुई भीषण आग की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। इस हादसे में कई युवा छात्रों की जान चली गई, जिसके बाद लखनऊ प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक भवनों में अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्त पहल शुरू कर दी है।

प्रशासन की प्रमुख पहलें:

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), अग्निशमन विभाग और श्रम विभाग के संयुक्त प्रयासों से शहर भर में फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान तेज कर दिया गया है।

  • औद्योगिक क्षेत्रों पर फोकस: लखनऊ के औद्योगिक क्षेत्रों जैसे अमौसी, चिनहट, और अन्य इंडस्ट्रियल जोन में फैक्टरियों और वेयरहाउस की विशेष जांच की जा रही है। प्रशासन ने सभी उद्योगों को निर्देश दिए हैं कि वे अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर), स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट सुनिश्चित करें।
  • नियमित ड्रिल और प्रशिक्षण: लखनऊ प्रशासन ने औद्योगिक यूनिट्स में कर्मचारियों के लिए अनिवार्य फायर ड्रिल का आयोजन शुरू किया है। अग्निशमन विभाग की टीमें फैक्टरियों में जाकर वर्कर्स को अग्नि सुरक्षा, बचाव तकनीक और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दे रही हैं।
  • सख्त कानूनी कार्रवाई: जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जा रही है, उनके खिलाफ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कई होटल, रेस्त्रां और कोचिंग संस्थानों की जांच में 29 से अधिक जगहों पर अनियमितताएं पाई गई हैं।
  • जागरूकता अभियान: “सुरक्षित लखनऊ, सशक्त लखनऊ” थीम के तहत स्कूलों, कॉलेजों और औद्योगिक क्लस्टर में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। फायर सर्विस वीक के दौरान भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।

उद्योगों के लिए सलाह:

लखनऊ प्रशासन के अनुसार, हर औद्योगिक इकाई को निम्नलिखित मानकों का पालन करना चाहिए:

  1. नवीनतम अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता।
  2. इमारत में कम से कम दो इमरजेंसी एग्जिट।
  3. स्टाफ को नियमित फायर सेफ्टी ट्रेनिंग।
  4. विद्युत लोड और केमिकल स्टोरेज की सुरक्षा।
  5. एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) का समय पर नवीनीकरण।

लखनऊ के डीएम ने कहा, “एक हादसा काफी है। हमारा लक्ष्य है कि भविष्य में कोई भी ऐसी घटना न हो। औद्योगिक क्षेत्र हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इन्हें सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है।”

यह पहल न केवल औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत करेगी बल्कि लखनऊ को एक सुरक्षित और निवेश के अनुकूल शहर बनाने में भी मदद करेगी।

श्री संस्कार वर्मा, मालिक, वेफर्स उद्योग (सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र, लखनऊ)

“लखनऊ प्रशासन द्वारा औद्योगिक सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा पर की जा रही पहल सराहनीय है। छोटे उद्योगों के रूप में हम भी फायर सेफ्टी के उपकरण लगवा रहे हैं और अपने कर्मचारियों को ट्रेनिंग दिलवा रहे हैं। यह कदम हमारे जैसे छोटे उद्यमियों के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन प्रशासन से एक शिकायत जरूर है कि सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम बेहद खराब हालत में है। बारिश में पानी भरने से मशीनों को नुकसान होता है और कामकाज प्रभावित होता है। कृपया इस समस्या को भी प्राथमिकता से सुलझाया जाए।”

श्रीमान, मैनेजर, JMD इंडस्ट्रीज (बांथरा रोड, लखनऊ)

“सरकार और लखनऊ प्रशासन औद्योगिक क्षेत्र के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। अग्नि सुरक्षा ऑडिट और ट्रेनिंग कार्यक्रम बहुत उपयोगी साबित हो रहे हैं। इससे हम जैसे उद्योगपतियों का विश्वास बढ़ा है। हम पूर्ण रूप से सहयोग कर रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे।”

श्री संजय गुप्ता, मालिक – स्लिमलाइन प्लाई श्री राजेश कुमार, मालिक – IMD प्लाईवुड (देवा रोड, लखनऊ)

“हम अपने प्लाई उद्योग में अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन करते हैं। फायर एक्सटिंग्विशर, स्प्रिंकलर सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और नियमित ड्रिल सब व्यवस्थित हैं। अपने मजदूरों की सुरक्षा और कल्याण का भी पूरा ध्यान रखते हैं। ऊपर वाले लेख में उल्लेखित जे.पी. मौर्य जी (क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी) से हम कई बार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। कृपया वे अपने भूमिका और अपडेट के बारे में उद्योगों को अवगत कराएं।”

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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