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जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट: पाकिस्तान की ओर से कई संदिग्ध ड्रोन देखे गए, LoC पर तनाव बढ़ा

जम्मू, 12 जनवरी 2026: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास पाकिस्तान की ओर से कई संदिग्ध ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पिछले 24 घंटों में कम से कम 5-7 ड्रोन की गतिविधियां दर्ज की गईं, जो मुख्य रूप से पूंछ, राजौरी और बारामूला सेक्टरों में देखी गईं। अधिकारियों का मानना है कि ये ड्रोन हथियारों या विस्फोटकों की तस्करी या जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब LoC पर पहले से ही तनाव व्याप्त है। भारतीय सेना ने दो ड्रोन को मार गिराया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के संयुक्त बयान में कहा गया है, “ये ड्रोन पाकिस्तान से संचालित लग रहे हैं और इनकी गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। हमने उचित कार्रवाई की है और क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।”

ड्रोन दृश्यों का विवरण

रिपोर्ट्स के अनुसार, पहला ड्रोन रविवार रात पूंछ सेक्टर में LoC के करीब देखा गया, जो लगभग 500 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था। सेना के रडार ने इसे ट्रैक किया और एंटी-ड्रोन सिस्टम से इसे नष्ट कर दिया। ड्रोन से कुछ संदिग्ध सामग्री बरामद हुई, जिसमें हथियारों के पार्ट्स होने की आशंका है। इसी तरह, राजौरी में दो ड्रोन एक साथ देखे गए, जो संभवतः जासूसी कैमरों से लैस थे।

बारामूला सेक्टर में भी तीन ड्रोन की रिपोर्ट आई, जो रात के समय सक्रिय थे। स्थानीय निवासियों ने असामान्य आवाजें सुनीं और अधिकारियों को सूचित किया। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “ये ड्रोन हेक्साकॉप्टर प्रकार के लगते हैं, जो पाकिस्तानी सेना या आतंकी समूहों द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं। हमारी टीमों ने इन्हें ट्रैक करने के लिए ड्रोन जैमर्स और सर्विलांस उपकरणों का उपयोग किया।”

पिछले कुछ महीनों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। 2025 में अकेले 150 से अधिक ड्रोन दृश्य दर्ज किए गए, जिनमें से कई को पाकिस्तान से जोड़ा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ये ड्रोन आतंकवादियों को हथियार पहुंचाने या सीमा पार घुसपैठ की रेकी के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं।

सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

घटना के बाद LoC के साथ-साथ आंतरिक क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिए गए हैं। सेना ने अतिरिक्त ट्रूप्स तैनात किए और ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम को अपग्रेड किया। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी आर.आर. स्वैन ने कहा, “हम पाकिस्तान की इन हरकतों से वाकिफ हैं और हमारी तैयारियां मजबूत हैं। स्थानीय लोगों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करें।”

केंद्र सरकार ने भी इस पर ध्यान दिया है। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए नए प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं, जिसमें एआई-बेस्ड सर्विलांस शामिल है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

संभावित प्रभाव और चिंताएं

ये ड्रोन दृश्य क्षेत्र की शांति के लिए खतरा हैं, खासकर सर्दियों में जब बर्फबारी के कारण सीमा पार गतिविधियां बढ़ जाती हैं। स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है, और कई गांवों में रात के समय कर्फ्यू जैसी स्थिति लागू की गई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह ऐसी छद्म युद्ध रणनीतियों पर निर्भर है।

यह घटना भारत-पाकिस्तान संबंधों को और खराब कर सकती है। हाल ही में दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें हो रही थीं, लेकिन ऐसी घटनाएं उन्हें पटरी से उतार सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब ड्रोन टेक्नोलॉजी पर अधिक निवेश कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली के प्रयासों के बीच ये ड्रोन दृश्य एक चेतावनी हैं कि सीमा पर सतर्कता कभी कम नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि स्थिति नियंत्रण में है और जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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