इस्लामाबाद/नई दिल्ली, 17 दिसंबर 2025 (विशेष संवाददाता): पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में कैद की अमानवीय स्थिति ने आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं। उनके बेटों कासिम खान और सुलैमान इसा खान ने स्काई न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उनके पिता को रावलपिंडी की अदीाला जेल में ‘मौत की कोठरी’ (डेथ सेल) में रखा गया है, जहां उन्हें मनोवैज्ञानिक यातनाएं दी जा रही हैं। बेटों ने दर्द भरी आवाज में कहा, “हमें डर है कि हम कभी फिर अपने पिता को न देख पाएं।” यह खुलासा उस समय आया है जब इमरान की बहनें जेल के बाहर धरना दे रही हैं और अदालती आदेशों के बावजूद मुलाकात की अनुमति नहीं मिल रही।
बेटों का इंटरव्यू: ‘शर्तें खराब नहीं, वे भयानक हैं’
लंदन में रहने वाले कासिम और सुलैमान ने स्काई न्यूज की प्रमुख विश्व प्रस्तुतकर्ता याल्दा हकीम के साथ बातचीत में जेल की भयावह स्थिति का वर्णन किया। कासिम ने कहा, “पापा को दो साल से अधिक समय से एकांत कारावास में रखा गया है। वहां गंदा पानी मिलता है, हेपेटाइटिस से मरते कैदियों के आसपास रहना पड़ता है, हालात घिनौने हैं और किसी भी इंसानी संपर्क से वे पूरी तरह कटे हुए हैं।” सुलैमान ने कोठरी को ‘डेथ सेल’ करार देते हुए बताया, “यह छोटी-सी कोठरी है जहां रोशनी मुश्किल से पहुंचती है। कभी-कभी बिजली काट दी जाती है, गंदा पानी दिया जाता है। ये हालात किसी भी कैदी के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप नहीं हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि जेल के गार्डों को इमरान से बात करने की भी इजाजत नहीं है, जिससे उनकी एकांतता और गहरी हो गई है। बेटों ने चिंता जताई कि हालात “बदतर हो रहे हैं” और “कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा।” यह इंटरव्यू आज सुबह प्रसारित हुआ, जिसके बाद सोशल मीडिया पर #FreeImranKhan ट्रेंड करने लगा।
जेल में कैद का पृष्ठभूमि: राजनीतिक साजिश या न्याय?
इमरान खान को अगस्त 2023 में गिरफ्तार किया गया था, जब से वे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक के रूप में राजनीतिक संघर्ष लड़ रहे हैं। उन पर भ्रष्टाचार, राजद्रोह और अन्य आरोप लगे हैं, लेकिन समर्थक इसे सैन्य-राजनीतिक साजिश बताते हैं। अदीाला जेल, जहां इमरान बंद हैं, को अक्सर ‘कठोरतम जेल’ कहा जाता है। हाल ही में उनकी बहनें जेल के बाहर धरना दे रही थीं, जहां वाटर कैनन से प्रदर्शनकारियों को हटाया गया। पीटीआई ने आरोप लगाया कि पानी में ‘रासायनिक पदार्थ’ मिले थे।
इमरान की बहन अलीम खान ने 2 दिसंबर को मुलाकात के बाद कहा था कि उनकी सेहत शारीरिक रूप से ठीक है, लेकिन मानसिक यातनाएं जारी हैं। बेटों के खुलासे ने इन दावों को और मजबूत किया है।
जनवरी में पाकिस्तान यात्रा का ऐलान: उम्मीद की किरण?
कासिम और सुलैमान ने बताया कि उन्होंने वीजा के लिए आवेदन कर दिया है और जनवरी में पाकिस्तान जाने की योजना बना रहे हैं। “हम अपनी सुरक्षा और पिता की भलाई को लेकर चिंतित हैं, लेकिन मुलाकात के लिए हर संभव प्रयास करेंगे,” उन्होंने कहा। यह यात्रा इमरान के समर्थकों के लिए एक नई उम्मीद की किरण हो सकती है, खासकर जब अदालतों ने जेल मुलाकातों पर रोक लगा रखी है।
पीटीआई प्रवक्ता ने कहा, “यह खुलासा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जगाने का प्रयास है। हम मानवाधिकार संगठनों से अपील कर रहे हैं।”
राजनीतिक प्रभाव: पाकिस्तान में उबाल
यह खुलासा पाकिस्तान की अस्थिर राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। इमरान खान की लोकप्रियता अभी भी बरकरार है, और उनकी रिहाई की मांग पर सड़क प्रदर्शन बढ़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह मामला सुर्खियां बन रहा है, जहां पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान को ‘लोकतंत्र का शिकार’ बताया जा रहा है। भारत में भी यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां विपक्ष ने पाकिस्तान सरकार की आलोचना की है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




