Saryu Sandhya News

पीएम मोदी का ओमान दौरा: 70 वर्षों की दोस्ती को नई ऊंचाई देने की उम्मीद

मस्कट, 17 दिसंबर 2025 (विशेष संवाददाता): भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो-दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे। यह यात्रा उनके तीन देशों (जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान) के चार दिवसीय दौरे का तीसरा और अंतिम चरण है। ओमान के सुल्तान हाईथम बिन तारिक के निमंत्रण पर की गई इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के नेता व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिससे व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने की उम्मीद है। यह दौरा भारत-ओमान के बीच 70 वर्षों के राजनयिक संबंधों की स्वर्ण जयंती के अवसर पर हो रहा है, जो सदियों पुरानी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक बंधनों को नई गति प्रदान करेगा।

भव्य स्वागत और हवाई अड्डे पर गार्ड ऑफ ऑनर

मस्कट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी का ओमान के उप-प्रधानमंत्री (रक्षा मामलों के लिए) सैयद शिहाब बिन तारिक अल सईद ने गर्मजोशी से स्वागत किया। एक भव्य गार्ड ऑफ ऑनर के साथ पीएम को सलामी दी गई, जो दोनों देशों के मजबूत रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “मस्कट, ओमान में उतरा। यह भारत के साथ गहन ऐतिहासिक संबंधों और स्थायी मित्रता की भूमि है। यह यात्रा सहयोग के नए अवसरों की खोज करने और हमारी साझेदारी में नई गति जोड़ने का अवसर प्रदान करती है।”

हवाई अड्डे से होटल तक के रास्ते में भारतीय प्रवासी समुदाय ने जोरदार स्वागत किया। मस्कट के भारतीयों ने “मोदी-मोदी” के नारों से हवा गुंजायमान कर दी। एक भारतीय प्रवासी रश्मि ने कहा, “मैं बहुत उत्साहित हूं और भाग्यशाली महसूस कर रही हूं। हमारा साल ओडिशा में भारतीय प्रवासी कार्यक्रम से शुरू हुआ था, जहां हमें पीएम मोदी से मिलने का मौका मिला। अब यहां फिर से…” यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां हजारों उपयोगकर्ता भारत-ओमान संबंधों की सराहना कर रहे हैं।

यात्रा का उद्देश्य: रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना

यह पीएम मोदी का ओमान का दूसरा दौरा है। 2023 में सुल्तान हाईथम बिन तारिक की भारत यात्रा के बाद यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संपर्कों की निरंतरता को दर्शाती है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, कल (18 दिसंबर) सुल्तान हाईथम के साथ द्विपक्षीय बैठक में व्यापक चर्चा होगी। फोकस क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • व्यापार और निवेश: भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहले ही 10 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। कल हस्ताक्षरित होने वाले व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) से भारतीय निर्यात में 3 अरब डॉलर से अधिक की वृद्धि होने की संभावना है। टेक्सटाइल, रत्न-आभूषण, नवीकरणीय ऊर्जा और कृषि उत्पादों पर शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। ओमान भारत का गैर-तेल आयात का चौथा सबसे बड़ा स्रोत है, और यह समझौता मध्य पूर्व में भारत की उपस्थिति को मजबूत करेगा।
  • ऊर्जा और रक्षा: ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा, जिसमें तेल और गैस आपूर्ति तथा नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। रक्षा सहयोग में संयुक्त अभ्यास और तकनीकी हस्तांतरण पर चर्चा होगी।
  • सांस्कृतिक और मानवीय बंधन: ओमान में करीब 8 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच मजबूत पुल का काम करते हैं। पीएम मोदी आज शाम भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे, जहां वे “ग्लोबल साउथ” की भूमिका और भारत की प्रगति पर बात करेंगे।

ओमान क्रिकेट बोर्ड के सदस्य अल्केश जोशी ने कहा, “ओमान क्रिकेट वैश्विक रैंकिंग में 16वें स्थान पर है। हम भारत के साथ सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं।” यह खेल क्षेत्र में भी नए द्वार खोल सकता है।

ऐतिहासिक संदर्भ: 70 वर्षों की यात्रा

भारत और ओमान के बीच संबंध सदियों पुराने हैं, जो समुद्री व्यापार से शुरू हुए। 1955 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से यह दोस्ती और मजबूत हुई है। ओमान भारत का प्रमुख ऊर्जा आपूर्तिकर्ता है, और हाल के वर्षों में रक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा मध्य पूर्व में भारत की कूटनीतिक पहुंच को और विस्तार देगा, खासकर इजरायल-हमास संघर्ष के बीच स्थिरता के लिए।

आर्थिक प्रभाव: नया युग की शुरुआत

सीईपीए समझौते से भारतीय उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “यह ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में नए अवसर खोलेगा।” ओमान के साथ मुक्त व्यापार से भारत की मध्य पूर्व नीति मजबूत होगी, जो “लुक वेस्ट पॉलिसी” का हिस्सा है।

saryusandhyanews
Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज