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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का लखनऊ दौरा: 28 नवंबर को गुलजार उपवन में ब्रह्माकुमारी आश्रम , शांति-एकता अभियान की शुरुआत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का लखनऊ दौरा: 28 नवंबर को गुलजार उपवन में ब्रह्माकुमारी आश्रम , शांति-एकता अभियान की शुरुआत

लखनऊ, 23 नवंबर 2025 (अजय कुमार पांडेय, एसएसएन नेटवर्क के प्रधान संपादक)
भारत की प्रथम आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित दौरा एक ऐतिहासिक क्षण सिद्ध होने जा रहा है। 28 नवंबर 2025 को राष्ट्रपति मुर्मू ब्रह्माकुमारी आश्रम के गुलजार उपवन राजयोग प्रशिक्षण केंद्र पर वे ‘शांति और विश्व एकता अभियान’ (Peace & Unity Campaign) की शुरुआत करेंगी, जो वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक जागरण का संदेश प्रसारित करेगा। यह कार्यक्रम न केवल लखनऊ की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रपति मुर्मू के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और आदिवासी समुदायों के योगदान को भी रेखांकित करेगा।

कार्यक्रम का विवरण: आध्यात्मिकता का नया अध्याय-
गुलजार उपवन, जो लखनऊ के मोहनलालगंज तहसील के मुज्जम नगर में स्थित है, ब्रह्माकुमारी संस्था का एक प्रमुख राजयोग ध्यान केंद्र है। यह 10 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला उपवन (बगीचा) प्रकृति और आध्यात्मिकता का अनुपम संगम है, जहां हरे-भरे उद्यान, ध्यान कक्ष और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। केंद्र का निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ था, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नींव का शिलान्यास किया था। ब्रह्माकुमारी की प्रमुख दादी जानकी जी ने भी 3 नवंबर 2019 को इसका शुभारंभ किया था। छह वर्षों की मेहनत के बाद यह केंद्र अब पूर्ण रूप से तैयार है, जो राजयोग ध्यान, योग साधना और मूल्य-आधारित जीवनशैली पर आधारित प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

समारोह दोपहर 12 बजे से शुरू होगा, जिसमें राष्ट्रपति मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में राजयोग ध्यान सत्र, सांस्कृतिक प्रदर्शन और शांति-एकता अभियान का शुभारंभ शामिल होगा। ब्रह्माकुमारी संस्था के अनुसार, यह अभियान ‘विश्व एकता, विश्वास और शांति’ के संदेश को फैलाने के लिए शुरू किया जा रहा है, जो वैश्विक चुनौतियों जैसे तनाव, संघर्ष और पर्यावरण संकट से निपटने में सहायक होगा। अभियान के तहत लखनऊ से शुरू होकर पूरे उत्तर प्रदेश और भारत भर में ध्यान शिविर, वर्कशॉप और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संस्था की उत्तर प्रदेश जोनल समन्वयक बीके अनिता दीदी ने बताया, “राष्ट्रपति मुर्मू जी का आगमन हमारे लिए गौरव का विषय है। वे स्वयं आध्यात्मिकता की प्रतीक हैं, और उनका संदेश लाखों लोगों तक पहुंचेगा। गुलजार उपवन अब उत्तर प्रदेश का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बनेगा।”

राष्ट्रपति मुर्मू का योगदान: आदिवासी शक्ति से राष्ट्रीय एकता
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो ओडिशा के आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं, आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों में हमेशा सक्रिय रही हैं। मार्च 2023 में उन्होंने ब्रह्माकुमारी के ‘ग्लोबल स्पिरिचुअलिटी महोत्सव’ का उद्घाटन किया था, जहां उन्होंने ‘आंतरिक शांति से विश्व शांति’ की अवधारणा पर जोर दिया था। इस बार लखनऊ दौरे में वे गुलजार उपवन के उद्घाटन के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष संबोधन देंगी। राष्ट्रपति भवन के एक अधिकारी ने कहा, “यह दौरा राष्ट्रपति जी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ दर्शन को मजबूत करेगा। ब्रह्माकुमारी की शिक्षाएं मूल्य-आधारित समाज निर्माण में सहायक हैं, और गुलजार उपवन इसका प्रतीक बनेगा।”

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य प्रमुख हस्तियां भी शामिल होंगी। ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रमुख बीके चक्रवर्ती भाई ने कहा, “गुलजार उपवन का नाम ‘गुलजार’ (फूलों से भरा) रखा गया है, जो शांति और समृद्धि का प्रतीक है। राष्ट्रपति मुर्मू जी के उद्घाटन से यह केंद्र वैश्विक स्तर पर पहचान बनाएगा।”

लखनऊ में तैयारियां: सुरक्षा से लेकर सजावट तक
लखनऊ प्रशासन ने राष्ट्रपति के दौरे के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। गुलजार उपवन को फूलों, दीपमालाओं और पारंपरिक सजावट से सजाया जा रहा है। सुल्तानपुर रोड पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, जिसमें 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी, ड्रोन निगरानी और सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। जिला मजिस्ट्रेट सुजीत कुमार ने बताया, “राष्ट्रपति जी के दर्शन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली शुरू की गई है। कार्यक्रम में 5,000 से अधिक आमंत्रित अतिथि भाग लेंगे, जिसमें युवा, महिलाएं और आध्यात्मिक साधक प्रमुख होंगे।” पर्यटन विभाग ने विशेष पैकेज लॉन्च किए हैं, ताकि पर्यटक लखनऊ के ऐतिहासिक स्थलों के साथ इस आध्यात्मिक आयोजन का लाभ उठा सकें।

लखनऊ, जो नवाबी ठाठ-बाट और आध्यात्मिकता का संगम है, इस दौरे से नई ऊर्जा प्राप्त करेगा। ब्रह्माकुमारी संस्था के लखनऊ केंद्र (जैसे गोमती नगर का आत्म चिंतन भवन और हजरतगंज का विश्व कल्याणी भवन) भी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। सोशल मीडिया पर #PresidentMurmuInLucknow, #GulzarUpvanInauguration और #BrahmaKumarisPeaceCampaign जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां भक्त और युवा उत्साह जता रहे हैं।

महत्व: शांति का संदेश, समाज का सशक्तिकरण
यह उद्घाटन समारोह आध्यात्मिक जागरण का प्रारंभिक बिंदु है। ब्रह्माकुमारी संस्था, जो 1937 में स्थापित हुई और आज 110 से अधिक देशों में सक्रिय है, राजयोग ध्यान के माध्यम से तनावमुक्त जीवन सिखाती है। गुलजार उपवन जैसे केंद्र उत्तर प्रदेश में युवाओं को नशामुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य और मूल्य शिक्षा प्रदान करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा आदिवासी और ग्रामीण भारत की आवाज को राष्ट्रीय मंच पर लाएगा, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के भारतीय दर्शन को मजबूत करेगा।

28 नवंबर का यह दिन लखनऊ के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से अंकित होगा। राष्ट्रपति मुर्मू के शब्दों में, “आंतरिक शांति ही विश्व शांति की कुंजी है।” गुलजार उपवन से निकला यह संदेश पूरे विश्व को प्रेरित करेगा। संपादक श्री अजय कुमार पांडेय के विशेष संवाद सत्र में, इस कार्यक्रम की समन्वयक सुश्री लीना दीदी जी ने कहा ” ब्रह्माकुमारी अनुयायी आत्मा पर विश्वास करते हैं। हम अपने आश्रमों में ध्यान करते हैं ताकि आत्मा की वास्तविक आंतरिक शक्ति को जान सकें। हमारे मुख्य अतिथि द्रौपदी जी, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी और आनंदीबेन जी ने समाज और कमजोर वर्ग के लिए बहुत काम किया है। इस कार्यक्रम में लगभग 500 वीवीआईपी गणमान्य व्यक्तियों और 2000 अन्य लोग शामिल होंगे”

 

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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