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ममता बनर्जी की बैठक से 9 TMC विधायक गायब, पार्टी में सियासी हलचल तेज

कोलकाता, 7 मई 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी कलह की खबरें सामने आ रही हैं। पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई अहम बैठक में उनके ही 80 नवनिर्वाचित विधायकों में से 9 विधायक अनुपस्थित रहे। यह गैरमौजूदगी पार्टी के अंदर फूट और संभावित बगावत की अटकलों को हवा दे रही है।

ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास पर नवनिर्वाचित TMC विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में मुख्य रूप से आगामी रणनीति, विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) का चयन और चुनावी हार की समीक्षा पर चर्चा होनी थी। सूत्रों के अनुसार बैठक में केवल 71 विधायक ही पहुंचे, जबकि 9 विधायकों का कहीं अता-पता नहीं था।

TMC का बचाव

TMC ने बाद में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि अनुपस्थित विधायकों ने पहले से सूचना दे दी थी या उन्हें विशेष रूप से उत्तर बंगाल के क्षेत्रों में पोस्ट-पोल हिंसा को नियंत्रित करने के लिए नहीं बुलाया गया था। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “सभी गैरमौजूद विधायकों ने पहले सूचित किया था। कुछ को जानबूझकर बैठक से दूर रखा गया ताकि वे अपने क्षेत्रों में स्थिति संभाल सकें।”

अटकलें तेज

हालांकि पार्टी के इस स्पष्टीकरण के बावजूद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह अनुपस्थिति TMC में बढ़ते असंतोष और संभावित BJP की ओर जाने की तैयारी का संकेत हो सकती है। कुछ सूत्रों का कहना है कि हार के बाद कई TMC विधायक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और भविष्य की रणनीति पर विचार कर रहे हैं।

बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी के अंदर कुछ लोगों ने “सabotage” (तोड़फोड़) किया है। उन्होंने कहा, “हम अपनी हार स्वीकार करते हैं, लेकिन मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। यह चुनावी प्रक्रिया के खिलाफ हमारा विरोध है।” उन्होंने विधायकों से विधानसभा के पहले दिन काले कपड़े पहनकर आने को भी कहा।

पोस्ट-पोल हिंसा का साया

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में पोस्ट-पोल हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। BJP कार्यकर्ताओं पर हमलों की खबरें आ रही हैं और सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की हत्या जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं।

TMC ने अब अनुपस्थित विधायकों की सूची तैयार कर ली है और पार्टी अनुशासन समिति (जिसमें डेरेक ओ’ब्रायन, फिरहाद हकीम आदि शामिल हैं) इस मामले की जांच करेगी।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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