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ईरान का मिसाइल हमला: ओमान के सलालाह बंदरगाह पर भयंकर हमला, तेल निर्यात थमने का खतरा – वैश्विक संकट गहराया

ईरान का मिसाइल हमला: ओमान के सलालाह बंदरगाह पर भयंकर हमला, तेल निर्यात थमने का खतरा – वैश्विक संकट गहराया

मस्कट/तेहरान, 12 मार्च 2026: ईरान ने आज सुबह ओमान के प्रमुख बंदरगाह सलालाह (Salalah Port) पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला कर दिया। यह हमला ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद ही रहेगा” वाले बयान के ठीक 24 घंटे बाद हुआ है। ओमान की सरकार ने इसे “अनुचित और खतरनाक” बताया है, जबकि ईरान ने इसे “अमेरिकी ठिकानों का जवाब” बताया।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान में कहा कि सलालाह बंदरगाह पर अमेरिकी सैन्य और लॉजिस्टिक सुविधाएं मौजूद हैं, इसलिए इसे निशाना बनाया गया। हमले में बंदरगाह के तेल टर्मिनल और कंटेनर यार्ड को भारी नुकसान पहुंचा है। आग की लपटें आसमान तक उठ रही हैं और कई टैंकर क्षतिग्रस्त हो गए। ओमान के अधिकारी अभी तक हताहतों की संख्या नहीं बता पाए हैं, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में 10 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

हमले का कारण और ईरान का दावा
नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कल ही कहा था कि “दुश्मनों पर दबाव का हथियार” जारी रहेगा। ईरान का आरोप है कि ओमान ने अमेरिकी और इजरायली जहाजों को सलालाह बंदरगाह पर रिफ्यूलिंग और रखरखाव की अनुमति दी थी। ईरान ने चेतावनी दी कि अगर ओमान अमेरिकी ठिकानों को नहीं हटाता, तो ऐसे हमले जारी रहेंगे।

ओमान के विदेश मंत्रालय ने तुरंत आपात बैठक बुलाई और कहा, “हम तटस्थ हैं और किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं करते। यह हमला क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है।” अमेरिका ने इसे “आतंकवादी कृत्य” बताया और ओमान को “सभी जरूरी सुरक्षा सहायता” देने का वादा किया।

तेल बाजार में हड़कंप, भारत पर असर
सलालाह बंदरगाह ओमान का दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है। यहां से रोजाना लाखों बैरल कच्चा तेल निकलता है। हमले के बाद बंदरगाह पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 8% से ज्यादा उछलकर 112 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं।

भारत के लिए यह बड़ी चिंता का विषय है। पहले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से LPG संकट गहराया हुआ है। अब सलालाह बंदरगाह पर हमले से भारत का तेल आयात और भी प्रभावित होगा। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, वैकल्पिक रूट और स्टॉक की समीक्षा की जा रही है।”

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज शाम आपात बैठक बुलाने जा रही है। इजरायल ने इसे “ईरान का नया खतरा” बताया और कहा कि “हम अपने हितों की रक्षा करेंगे।” चीन और रूस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।

सलालाह हमला मिडिल ईस्ट युद्ध को नए आयाम पर ले गया है। अब सवाल यह है कि ओमान, जो अब तक तटस्थ रहा, युद्ध में कितना घसीटा जाएगा। ईरान का संदेश साफ है – जो भी अमेरिकी ठिकानों को पनाह देगा, वह निशाने पर होगा।

 

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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