वित्त मंत्री का बजट भाषण: विकास और समावेशी अर्थव्यवस्था पर जोर
नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। अपने भाषण में उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण पर विशेष जोर दिया। यह उनका लगातार आठवां बजट था, जिसमें डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास जैसे प्रमुख विषयों को केंद्र में रखा गया।
बजट की मुख्य विशेषताएं
वित्त मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा, “यह बजट एक विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार ने पिछले वर्षों में अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है, और अब हम समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।” उन्होंने जीडीपी वृद्धि दर को 7.5% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा, जो वैश्विक चुनौतियों के बावजूद सकारात्मक संकेत देता है।
बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सीतारमण ने कहा, “किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हम नई तकनीकों और सिंचाई योजनाओं पर निवेश करेंगे।” स्वास्थ्य क्षेत्र में 2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है, जिसमें आयुष्मान भारत योजना का विस्तार शामिल है। शिक्षा के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें डिजिटल शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस है।
कर सुधार और आर्थिक सुधार
वित्त मंत्री ने करदाताओं को राहत देते हुए इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव की घोषणा की। नई व्यवस्था के तहत 15 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा। उन्होंने कहा, “यह मध्यम वर्ग को मजबूत बनाएगा और उपभोग को बढ़ावा देगा।” कॉर्पोरेट टैक्स में भी कटौती की गई है, जो स्टार्टअप्स और एमएसएमई को प्रोत्साहित करेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और हवाई अड्डों का विकास शामिल है। सीतारमण ने ग्रीन एनर्जी पर जोर देते हुए कहा, “हम 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करेंगे।” यह पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण
बजट में महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं हैं। लखपति दीदी योजना का विस्तार किया गया है, जिसके तहत 3 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है। सीतारमण ने कहा, “महिलाएं देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और हम उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं।” गरीबी उन्मूलन के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है, जिसमें ग्रामीण विकास और रोजगार गारंटी योजना शामिल है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने बजट को ‘चुनावी जुमला’ करार दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “यह बजट अमीरों के लिए है, गरीबों की अनदेखी की गई है।” वहीं, बीजेपी ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मत
आर्थिक विशेषज्ञों ने बजट को संतुलित बताया। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने कहा, “यह बजट विकास और स्थिरता का सही मिश्रण है।” हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने मुद्रास्फीति नियंत्रण पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी।
वित्त मंत्री का भाषण लगभग दो घंटे चला, जिसमें उन्होंने देश की आर्थिक उपलब्धियों का जिक्र किया और भविष्य की योजनाओं का खाका खींचा। यह बजट कोरोना महामारी के बाद की रिकवरी को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। अब संसद में इस पर बहस होगी, और अंतिम रूप दिए जाने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




