Saryu Sandhya News

प्रधानमंत्री मोदी ने कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स को संबोधित किया: लोकतंत्र की डिलीवरी पर जोर, भारत को ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ बताया

नई दिल्ली, 15 जनवरी 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 28वीं कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (सीएसपीओसी) का उद्घाटन किया और सम्मेलन को संबोधित किया। यह आयोजन संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में हुआ, जहां भारत के संविधान की रचना हुई थी। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भारत की लोकतांत्रिक यात्रा, विविधता को ताकत बनाने और ग्लोबल साउथ के हितों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस कॉन्फ्रेंस में 42 कॉमनवेल्थ देशों के 61 स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स तथा 4 स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

उद्घाटन और संबोधन की मुख्य बातें

प्रधानमंत्री ने स्पीकर्स की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि स्पीकर ज्यादा बोलते नहीं, बल्कि दूसरों को सुनते हैं और सभी को मौका देते हैं। उन्होंने कहा, “स्पीकर्स की एक सामान्य बात उनकी धैर्यवानता है। वे शोरगुल करने वाले और उत्साही सदस्यों को भी मुस्कान के साथ संभालते हैं।”

मोदी ने भारत की लोकतांत्रिक जड़ों पर प्रकाश डाला और कहा कि भारत ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ है। उन्होंने वेदों (5,000 वर्ष पुराने) का जिक्र किया, जहां सभाओं में चर्चा और सहमति से निर्णय लिए जाते थे। बौद्ध संघ में भी चर्चा और मतदान की परंपरा थी। तमिलनाडु के 10वीं शताब्दी के शिलालेख में गांव सभाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “हमारी लोकतंत्र एक बड़े पेड़ की तरह है, जिसकी जड़ें गहरी हैं।”

भारत की लोकतांत्रिक उपलब्धियां

प्रधानमंत्री ने आजादी के बाद की आशंकाओं का जिक्र किया कि इतनी विविधता में भारत में लोकतंत्र टिक नहीं पाएगा, लेकिन भारत ने विविधता को ताकत बना दिया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जहां यूपीआई दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम है। भारत सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक, नंबर-2 स्टील उत्पादक, तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम, तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट, चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क, सबसे बड़ा दूध उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा चावल उत्पादक है।

उन्होंने जोर दिया कि भारत में लोकतंत्र का अर्थ ‘लास्ट माइल डिलीवरी’ है। बिना भेदभाव के हर व्यक्ति के कल्याण के लिए काम किया जा रहा है, जिससे 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले। “भारत में डेमोक्रेसी डिलीवर करती है,” उन्होंने कहा।

महिलाओं की भूमिका और चुनावी पैमाना

मोदी ने महिलाओं की भूमिका पर गर्व जताया। भारत की राष्ट्रपति एक महिला हैं, दिल्ली की मुख्यमंत्री महिला हैं और ग्रामीण स्थानीय निकायों में 15 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं, जो वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व है। 2024 के आम चुनावों को मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास बताया, जहां 98 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे, 8,000 से ज्यादा उम्मीदवार और 700 से ज्यादा राजनीतिक दल शामिल थे। महिलाओं की रिकॉर्ड भागीदारी हुई।

ग्लोबल साउथ और कॉमनवेल्थ में भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉमनवेल्थ की आधी आबादी भारत में बसती है। भारत स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक विकास और इनोवेशन जैसे सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स में योगदान दे रहा है। जी20 अध्यक्षता के दौरान ग्लोबल साउथ की चिंताओं को केंद्र में रखा। कोरोना काल में 150 से ज्यादा देशों को दवाइयां और वैक्सीन भेजीं। उन्होंने ओपन सोर्स टेक प्लेटफॉर्म बनाने का जिक्र किया ताकि कॉमनवेल्थ देश लाभान्वित हों।

संसद में नवाचार

कॉन्फ्रेंस का विषय ‘इफेक्टिव डिलीवरी ऑफ पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी’ है। मोदी ने कहा कि भारत संसद में एआई का उपयोग कर डिबेट्स को रीजनल लैंग्वेज में रीयल-टाइम ट्रांसलेट कर रहा है। स्टडी टूर्स, ट्रेनिंग और इंटर्नशिप से जनता को संसद से जोड़ा जा रहा है।

समापन और महत्व

प्रधानमंत्री ने 20 से ज्यादा कॉमनवेल्थ देशों की संसदों को संबोधित करने के अपने अनुभव साझा किए और कहा कि यह कॉन्फ्रेंस सीखने-सिखाने को समृद्ध करेगी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता कर रहे हैं, जो 14 से 16 जनवरी तक चलेगी। यह भारत की चौथी बार मेजबानी है, जो लोकतंत्र और संसदीय सहयोग को मजबूत करेगी।

saryusandhyanews
Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज