नई दिल्ली, 15 दिसंबर 2025 (संवाददाता रिपोर्ट): भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार (14 दिसंबर) को एक बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए बिहार के कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। 45 वर्षीय नबीन, जो पांच बार विधायक रह चुके हैं, भाजपा के इतिहास में इस पद पर सबसे युवा नेता बन गए हैं। यह नियुक्ति वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के उत्तराधिकारी के रूप में उनकी राह प्रशस्त करती दिख रही है, और जनवरी 2026 में होने वाले औपचारिक चुनाव में उनका नाम प्रमुख उम्मीदवार के रूप में चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें ‘कड़ी मेहनत करने वाला कार्यकर्ता’ बताते हुए बधाई दी, जो पार्टी की पीढ़ीगत बदलाव की दिशा में एक मजबूत संकेत है।
घोषणा का क्षण: संसदीय बोर्ड की बैठक से सरप्राइज फैसला
भाजपा की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था संसदीय बोर्ड की रविवार को हुई बैठक में नितिन नबीन के नाम पर मुहर लगी। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए कहा, “भाजपा संसदीय बोर्ड ने बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है।” यह फैसला महीनों से चली आ रही अटकलों का अंत करता है, और अप्रैल 2026 में राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इसे औपचारिक रूप से पुष्टि मिलेगी।
पटना के भाजपा मुख्यालय में नियुक्ति की खबर मिलते ही उत्सव का माहौल बन गया। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, सम्राट चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने नबीन को बधाई दी। नबीन ने कहा, “यह मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की जीत है। हम संगठन को और मजबूत करेंगे।”
नितिन नबीन कौन हैं? पिता की विरासत से संगठनकर्ता तक का सफर
45 वर्षीय नितिन नबीन का जन्म पटना के बैंकिपुर विधानसभा क्षेत्र में एक राजनीतिक परिवार में हुआ। वे दिवंगत नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक थे। नबीन ने 1980 में भाजपा के गठन के समय मात्र सात सप्ताह की उम्र में राजनीतिक माहौल देखा था। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा युवा मोर्चा से शुरू की, जहां वे बिहार भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा, वे छत्तीसगढ़ चुनाव प्रभारी के रूप में भी सक्रिय रहे।
वर्तमान में वे बिहार सरकार में सड़क निर्माण, शहरी विकास एवं आवास मंत्री हैं। बैंकिपुर से पांच बार विधायक चुने जाने वाले नबीन को एक कुशल संगठनकर्ता के रूप में जाना जाता है। उनकी छवि विचारधारा से जुड़े गतिशील नेता की है, जो शांतिपूर्ण रणनीतिकार के रूप में उभरे हैं। भाजपा के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी (52 वर्ष) थे, लेकिन नबीन इस रिकॉर्ड को तोड़ देंगे। वे बिहार और पूर्वी भारत से इस पद पर आने वाले पहले नेता हैं।
राजनीतिक महत्व: पीढ़ीगत बदलाव और राष्ट्रीय रणनीति
यह नियुक्ति भाजपा की संगठनात्मक रणनीति में एक बड़ा मोड़ है। पार्टी पूर्वी भारत, खासकर बिहार में अपनी पकड़ मजबूत करने पर जोर दे रही है, जहां 2025 विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। नबीन का चयन वफादारी, संगठनात्मक क्षमता और युवा ऊर्जा पर आधारित है, जो जेपी नड्डा के उत्तराधिकार की दौड़ को स्पष्ट करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पार्टी को युवा नेतृत्व की ओर ले जाएगा, जो 2029 लोकसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
बिहार में नीतीश कुमार सरकार के मंत्री के रूप में नबीन का अनुभव एनडीए गठबंधन को मजबूत करने में सहायक होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “नितिन नबीन एक मेहनती कार्यकर्ता हैं, जिनकी जड़ें मजबूत हैं।” गृह मंत्री अमित शाह ने भी बधाई देते हुए पार्टी की एकजुटता पर जोर दिया।
प्रतिक्रियाएं: नेताओं का समर्थन, विपक्ष का तंज
प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के अलावा, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नबीन को फोन कर बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह बिहार के लिए गौरव का क्षण है।” केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे “संगठन की नई ऊर्जा” बताया।
विपक्ष ने तंज कसा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “भाजपा फिर वही पुरानी रस्में निभा रही है, लेकिन जनता युवा चेहरों से ऊब चुकी है।” आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, “नया चेहरा पुरानी राजनीति का हिस्सा।”
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




