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केंद्र की बड़ी योजना: इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन के बीच एविएशन सेक्टर में 5 लाख करोड़ का निवेश पैकेज

नई दिल्ली, 6 दिसंबर 2025: विमानन क्षेत्र में लगातार हो रही उड़ान रद्दीकरण की घटनाओं के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को एक बड़ी घोषणा की है। इंडिगो एयरलाइंस की 200 से अधिक उड़ानों के कैंसिल होने के कारण हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी, तो इसी संकट के बीच नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने ‘अवियेशन 2030’ नामक महत्वाकांक्षी योजना की रूपरेखा पेश की। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जो हवाई अड्डों के विस्तार, नई एयरलाइंस को बढ़ावा और डिजिटल बुकिंग सिस्टम को मजबूत करने पर केंद्रित होगा। विपक्ष ने इसे ‘चुनावी जुमला’ बताते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि इंडस्ट्री विशेषज्ञ इसे सेक्टर के लिए राहत की सांस मान रहे हैं।

घटना का बैकग्राउंड: इंडिगो की उड़ानें रद्द, यात्रियों का गुस्सा

पिछले 48 घंटों में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर कोहरे और स्टाफ की कमी के कारण इंडिगो ने 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं। इससे 50 हजार से अधिक यात्री प्रभावित हुए, जिनमें कई महत्वपूर्ण मीटिंग्स और छुट्टियों के लिए जा रहे लोग शामिल थे। दिल्ली एयरपोर्ट पर तो हंगामा हो गया, जहां यात्रियों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा, “मौसम की वजह से यह अनिवार्य था, लेकिन हम प्रभावित यात्रियों को रिफंड और वैकल्पिक उड़ानें दे रहे हैं।”

इस संकट ने विमानन मंत्रालय को सतर्क कर दिया। मंत्री नायडू ने संसद में कहा, “इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइन की समस्या पूरे सेक्टर की समस्या है। केंद्र अब सक्रिय भूमिका निभाएगा।”

केंद्र की ‘अवियेशन 2030’ योजना: क्या है खास?

योजना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  • हवाई अड्डा विस्तार: 100 नए हवाई अड्डों का निर्माण, जिसमें उत्तर-पूर्व और दक्षिणी राज्यों पर फोकस। कुल निवेश 2.5 लाख करोड़ रुपये।
  • नई एयरलाइंस को प्रोत्साहन: स्टार्टअप एयरलाइंस को सब्सिडी और लोन गारंटी, ताकि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़े। इंडिगो की एकाधिकार स्थिति को चुनौती।
  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: एआई-बेस्ड वेदर फोरकास्टिंग सिस्टम और रीयल-टाइम बुकिंग ऐप, जो कैंसिलेशन को 50% तक कम करेगा।
  • यात्री सुरक्षा: सख्त नियमों के साथ बीमा कवरेज बढ़ाना, जिसमें कैंसिलेशन पर तत्काल मुआवजा शामिल।
  • हरित उड़ान: इलेक्ट्रिक प्लेन और बायो-फ्यूल पर 1 लाख करोड़ का फंड।

मंत्री ने कहा, “यह योजना भारत को वैश्विक एविएशन हब बनाने का सपना साकार करेगी। 2030 तक हम 500 मिलियन यात्रियों का लक्ष्य हासिल करेंगे।” योजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है, और पहला चरण जनवरी 2026 से शुरू होगा।

विपक्ष का विरोध और इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया, “इंडिगो के मालिकों को फायदा पहुंचाने के लिए यात्रियों की तकलीफ का इंतजार? यह योजना कागजी शेर है।” वहीं, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के हवाई अड्डों पर विशेष ध्यान न देने पर सवाल उठाए।

दूसरी ओर, फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (फिया) ने योजना का स्वागत किया। अध्यक्ष ने कहा, “यह कदम समय पर है। कोविड के बाद सेक्टर जूझ रहा था, अब विकास की राह खुलेगी।” इंडिगो ने भी कहा कि वे योजना में सहयोग करेंगे।

सवालों का घेरा: राहत या राजनीति?

क्या यह योजना वाकई कैंसिलेशन जैसी समस्याओं का समाधान देगी, या सिर्फ घोषणा मात्र है? विशेषज्ञों का मानना है कि कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा। फिलहाल, यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे वैकल्पिक एयरलाइंस चुनें। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों में कोहरे की चेतावनी जारी की है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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