अयोध्या, 6 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान हनुमान के प्रसिद्ध सिद्धपीठ हनुमान गढ़ी के गोविंदगढ़ आश्रम में शुक्रवार तड़के एक सनसनीखेज घटना ने धार्मिक जगत में हड़कंप मचा दिया। आश्रम के प्रमुख संत महंत माहेश दास (उपनाम स्वामी माहेश योगी) पर जिंदा जलाने का कृत्य करने की कोशिश की गई। संत के कमरे की खिड़की की जाली काटकर अज्ञात लोगों ने ज्वलनशील पदार्थ फेंक दिया, लेकिन संत बाल-बाल बच गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल कर रही है। संत ने आंतरिक विवादों और संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप लगाया है।
घटना का पूरा विवरण
शुक्रवार रात करीब 2:45 बजे गोविंदगढ़ आश्रम के एक कमरे में सो रहे महंत माहेश दास के कमरे की खिड़की की जाली को चाकू या किसी तेज हथियार से काट दिया गया। इसके बाद अंदर ज्वलनशील सामग्री फेंकी गई, जिससे कमरे में आग लग गई। गर्मी और धुएं की वजह से जागे संत ने तुरंत शोर मचाया और बाहर निकल आए। शिष्यों ने आग बुझाने में आधा घंटा लगा दिया, लेकिन संत का बिस्तर और सामान जलकर राख हो गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने लिए हैं।
महंत माहेश दास ने बताया, “मैं गहरी नींद में था, लेकिन अचानक धुआं और जलन की गंध ने मुझे जगा दिया। अगर थोड़ी देर और रुकता तो मैं जिंदा जल जाता। यह मेरी जान लेने की साजिश है।” संत वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक हैं, जिन्होंने 1661 घंटों में 1.51 करोड़ कपालभाति प्राणायाम की साधना पूरी की और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया। वे हनुमान गढ़ी के बसंतिया पट्टी संप्रदाय के 40 आश्रमों में से एक के प्रमुख हैं।
आरोप: बसंतिया पट्टी के महंत पर साजिश का इल्जाम
संत माहेश दास ने हनुमान गढ़ी के बसंतिया पट्टी के प्रमुख महंत रामचरण दास पर मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रामचरण दास ने उनकी सह पर हनुमान गढ़ी से निष्कासित संत लड्डू दास, मन्नू दास, मणिराम दास और महिलाएं ममता देवी, नीतू देवी, खुशबू व शिवानी को भड़काया। “ये लोग आश्रम की संपत्ति पर कब्जा करने के लिए दो साल से मुझे परेशान कर रहे हैं। दान-पेटियों से करीब 2 करोड़ रुपये का गबन किया गया, जिसकी शिकायत पर गद्दी नशीं महंत प्रेमदास ने उन्हें फटकार लगाई थी।” पहले भी संत पर झूठा बलात्कार का केस बनाने की कोशिश हुई थी।
हनुमान गढ़ी में चार संप्रदाय (उज्जैनिया, बसंतिया, सागरी, हरिद्वारी) के 40-50 आश्रम हैं, जहां आंतरिक कलह आम है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना धार्मिक स्थलों में संपत्ति और वित्तीय विवादों का नतीजा है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
अयोध्या पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और संत के बयान दर्ज किए। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा, “हम सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे गिरफ्तार किया जाएगा।” फोरेंसिक टीम सक्रिय है, और आश्रम के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन आरोपी सूची तैयार है।
सवालों का सिलसिला: आस्था पर प्रहार या आंतरिक कलह?
अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद धार्मिक पर्यटन का केंद्र बने शहर में ऐसी घटना ने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह संप्रदायिक विवाद का रूप ले लेगी? संत समाज ने पुलिस से त्वरित न्याय की मांग की है। हनुमान गढ़ी के अन्य महंतों ने शांति की अपील की, लेकिन तनाव व्याप्त है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




