बेरहामपुर, 6 दिसंबर 2025: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं वर्षगांठ पर सियासी बवाल मच गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बेलडंगा में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद का शिलान्यास करने के ऐलान के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बेरहामपुर में अयोध्या के राम लला मंदिर का प्रतिरूप बनाने की योजना की घोषणा कर दी है। यह कदम चुनावी माहौल में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को और गहरा करने वाला माना जा रहा है।
घटना का पूरा विवरण
शुक्रवार को बेलडंगा में TMC विधायक हुमायूं कबीर ने भारी सुरक्षा के बीच बाबरी मस्जिद की नकल वाली नई मस्जिद का नींव स्थापण किया। कार्यक्रम में दो लाख से अधिक लोग शामिल हुए, जिनमें कई ने ईंटें सिर पर लादकर या ट्रैक्टर-रिक्शों पर लाकर प्रतीकात्मक समर्थन जताया। कबीर ने इसे ‘शांति और सद्भाव का प्रतीक’ बताया, लेकिन विपक्ष ने इसे ‘वोटबैंक की राजनीति’ करार दिया।
इसी बीच, BJP के पूर्व जिला अध्यक्ष सखरब सरकार ने बेरहामपुर में राम मंदिर प्रतिरूप का निर्माण शुरू करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, “हमने 6 दिसंबर को ही प्रतिबद्धता जताई है कि बेरहामपुर में अयोध्या के राम लला मंदिर की प्रतिकृति बनाई जाएगी। राम मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से यह मंदिर, साथ ही एक स्कूल और अस्पताल भी बनाया जाएगा।” भुमि पूजन 22 जनवरी 2025 को होने की संभावना है।
BJP का हमला: TMC पर तुष्टिकरण का आरोप
BJP ने TMC पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया है। राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “TMC ने तुष्टिकरण को संगठित चुनावी हथियार बना लिया है। बाबरी मस्जिद का नाम लेकर हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाना उनकी रणनीति है।” विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कबीर के बयान को ‘खोखला’ बताते हुए कहा, “ममता बनर्जी के इशारे पर ऐसा बयान दिया गया है।”
BJP सांसद अर्जुन सिंह ने चेतावनी दी, “अगर कबीर बाबरी मस्जिद बनाने की कोशिश करेंगे, तो मैं उन्हें बाबर के पास भेज दूंगा। भारत हिंदू बहुल देश है, लेकिन ‘बाबरी’ नाम का इस्तेमाल संविधान का अपमान है।” पार्टी का कहना है कि यह योजना अयोध्या मंदिर की तरह ही भव्य होगी, जो स्थानीय हिंदू समुदाय को मजबूत करेगी।
TMC का बचाव और सियासी रंग
TMC ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मस्जिद निर्माण शांति का संदेश है। विधायक कबीर ने पूर्व में विवादास्पद बयान दिए थे, जैसे ‘हिंदुओं को काटकर भागीरथी में फेंकना’, जिसके कारण उन्हें पार्टी से निलंबित किया गया। कांग्रेस ने भी TMC की निंदा की, इसे ‘सुपारी किलर मानसिकता’ करार दिया।
मुर्शिदाबाद बॉर्डर जिला होने से यहां बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा भी जोड़ दिया गया है। BJP का दावा है कि TMC मुस्लिम वोटों के लिए ऐसा कर रही है।
अदालत का रुख और सुरक्षा व्यवस्था
कैलकटा हाईकोर्ट ने मस्जिद शिलान्यास पर हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और पुलिस दोनों पक्षों पर नजर रख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना आगामी विधानसभा चुनावों में ध्रुवीकरण को तेज करेगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




