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इंडिगो ने पायलट रेस्ट नियमों के कारण रद्द कीं 150 उड़ानें: यात्रियों में हाहाकार, शेयरों में गिरावट-

नई दिल्ली, 5 दिसंबर 2025 – भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) ने नए पायलट रेस्ट नियमों के कारण देशभर में 150 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे हजारों यात्री फंस गए और हवाई यात्रा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। 3 दिसंबर को शुरू हुई यह अराजकता अब चौथे दिन में प्रवेश कर चुकी है, जिसमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर भारी असर पड़ा। विमानन नियामक डीजीसीए (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने जांच शुरू कर दी है, जबकि इंडिगो ने कुछ फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों में छूट की मांग की है। यह घटना न केवल यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी है, बल्कि एयरलाइन के शेयरों में भी 6% की गिरावट ला दी।

नए रेस्ट नियम: पायलट थकान रोकने की कोशिश, लेकिन उड़ानों पर ब्रेक

इंडिगो की परेशानी की जड़ जुलाई और नवंबर 2025 में लागू हुए नए थकान प्रबंधन नियम हैं, जिन्होंने पायलटों के लिए साप्ताहिक अनिवार्य आराम की अवधि को 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया। इन नियमों का उद्देश्य पायलटों की थकान को कम करना और सुरक्षा बढ़ाना है, लेकिन इससे क्रू की कमी हो गई, खासकर रात्रिकालीन उड़ानों में। एक इंडिगो पायलट ने नाम न छापने की शर्त पर रॉयटर्स को बताया कि नाइट लैंडिंग की संख्या सीमित होने से रोटेशन प्रभावित हो गया।

3 दिसंबर को 150 उड़ानें रद्द हुईं, जो सामान्य से कहीं अधिक हैं। अगले दिन (4 दिसंबर) यह संख्या 170 से अधिक हो गई, जिसमें बेंगलुरु में 73, दिल्ली में 30, हैदराबाद में 68 और मुंबई में 85 उड़ानें शामिल रहीं। 5 दिसंबर को भी 400 से अधिक कैंसिलेशन की खबरें हैं, जिसमें दिल्ली से सभी घरेलू उड़ानें रद्द हो गईं। इंडिगो ने इसे ‘अनपेक्षित चुनौतियों’ का नाम दिया, जिसमें तकनीकी खराबी, सर्दी के मौसम में शेड्यूल बदलाव, प्रतिकूल मौसम, हवाई यातायात की भीड़ और क्रू रोस्टरिंग नियम शामिल हैं।

यात्रियों पर भारी पड़ी मार: हवाई अड्डों पर हाहाकार

देशभर के हवाई अड्डों पर यात्री घंटों इंतजार करते नजर आए। सोशल मीडिया पर #IndiGoChaos ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग अपनी परेशानियां साझा कर रहे हैं। एक यात्री ने ट्वीट किया, “दिल्ली से मुंबई की उड़ान रद्द, कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं। रिफंड का क्या?” मुंबई एयरपोर्ट पर 104 उड़ानें रद्द होने की योजना है, जिससे व्यावसायिक यात्रियों को सबसे अधिक नुकसान हो रहा।

इंडिगो, जो घरेलू बाजार में 66% हिस्सेदारी रखती है, की यह समस्या पूरे विमानन क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। अन्य एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया और स्पाइसजेट पर भी दबाव बढ़ गया है। विमानन मंत्री ने इंडिगो को तत्काल सामान्यीकरण का निर्देश दिया है और हवाई किराया न बढ़ाने की चेतावनी दी।

इंडिगो की प्रतिक्रिया: छूट की मांग और शेड्यूल में कटौती

इंडिगो ने बयान जारी कर कहा कि उसके संचालन फरवरी 10, 2026 तक पूरी तरह बहाल हो जाएंगे। एयरलाइन ने ए320 फ्लीट के लिए कुछ एफडीटीएल नियमों में अस्थायी छूट मांगी है, ताकि पायलटों की कमी पूरी हो सके। डीजीसीए ने 8 दिसंबर से इंडिगो के शेड्यूल में कटौती की मंजूरी दे दी है, जिससे दैनिक 200 उड़ानों के बजाय कम उड़ानें होंगी।

कंपनी के शेयरों में इस हफ्ते 6% की गिरावट आई, जो छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए। एयरलाइन पायलट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा कि ये नियम जनवरी 2024 में घोषित हुए थे, इसलिए तैयारी का समय था।

डीजीसीए की जांच और भविष्य की चुनौतियां

डीजीसीए ने कैंसिलेशन के कारणों की जांच शुरू कर दी है, जिसमें पायलट कमी, क्रू प्लानिंग गैप और मौसमी बाधाओं पर फोकस है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या विमानन उद्योग के लिए सबक है, जहां पायलट भर्ती और ट्रेनिंग पर अधिक ध्यान देना होगा। सर्दियों में बढ़ने वाली मांग के बीच यह अराजकता यात्रा उद्योग को प्रभावित कर रही है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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