नई दिल्ली, 5 दिसंबर 2025 – इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क सिटी के नवनिर्वाचित मेयर ज़ोहरान मामदानी की गिरफ्तारी की धमकी पर तीखा प्रहार किया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के डीलबुक समिट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिए गए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने साफ कहा, “हां, मैं न्यूयॉर्क आऊंगा। बिल्कुल आऊंगा।” मामदानी ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के वारंट का हवाला देते हुए नेतन्याहू को युद्ध अपराधों के आरोप में गिरफ्तार करने की कसम खाई थी। नेतन्याहू का यह बयान न केवल उनकी निडरता को दर्शाता है, बल्कि इजरायल की संप्रभुता और अस्तित्व के अधिकार पर भी जोर देता है। यह विवाद गाजा युद्ध के बीच वैश्विक राजनीति में नई आग लगाने वाला साबित हो रहा है।
नेतन्याहू का चुनौतीपूर्ण बयान: ‘अपना मन बदलें तो बात करेंगे’
डीलबुक समिट के दौरान न्यूयॉर्क टाइम्स के कॉलमिस्ट एंड्र्यू रॉस सॉर्किन ने नेतन्याहू से सवाल किया कि क्या वे मामदानी की धमकी के बावजूद न्यूयॉर्क जाएंगे। जवाब में नेतन्याहू ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं न्यूयॉर्क आऊंगा। हां, बिल्कुल।” जब पूछा गया कि क्या वे मामदानी से मिलने की कोशिश करेंगे, तो नेतन्याहू ने व्यंग्य भरा जवाब दिया, “अगर वे अपना मन बदल लें और कह दें कि इजरायल को अस्तित्व का अधिकार है, तो यह बातचीत के लिए अच्छी शुरुआत होगी।”
यह बयान जुलाई 2024 में दिए गए उनके पुराने वादे का दोहराव है, जब मामदानी मेयर चुनाव जीतने से पहले ही अपनी कट्टर रुख की घोषणा कर चुके थे। नेतन्याहू ने आईसीसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये गाजा में इजरायल के आत्मरक्षा अभियान के खिलाफ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायल हमास जैसे आतंकी संगठनों से लड़ रहा है, और कोई भी बाहरी दबाव उनकी नीतियों को नहीं बदलेगा।
मामदानी की धमकी: आईसीसी वारंट का पालन, नेतन्याहू को जेल भेजने की कसम
ज़ोहरान मामदानी, जो डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट ऑफ अमेरिका (डीएसए) से जुड़े हैं, ने नवंबर 2024 के मेयर चुनाव में जीत हासिल की। वे इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष में कट्टर आलोचक रहे हैं और गाजा में इजरायली कार्रवाई को ‘जेनोसाइड’ करार दे चुके हैं। आईसीसी ने नवंबर 2025 में नेतन्याहू और उनके रक्षा मंत्री के खिलाफ युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया, जिसमें गाजा में नागरिकों की मौत और मानवीय सहायता रोकने का जिक्र है।
मामदानी ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि अगर वे मेयर बने, तो न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (एनवाईपीडी) को निर्देश देंगे कि आईसीसी वारंटों का सख्ती से पालन हो। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नाम भी लिया, लेकिन नेतन्याहू पर फोकस अधिक रहा। मामदानी ने कहा, “न्यूयॉर्क एक ऐसा शहर बनेगा जो न्याय का पक्षधर हो। अगर नेतन्याहू यहां आए, तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।” जनवरी 2026 में पदभार संभालने वाले मामदानी की यह धमकी अमेरिकी राजनीति में विवादास्पद साबित हो रही है, क्योंकि न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख शहर में मेयर की यह शक्ति पर सवाल उठ रहे हैं।
गिरफ्तारी की संभावना कम, लेकिन राजनीतिक तनाव बढ़ा
विशेषज्ञों का मानना है कि मामदानी के पास नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की पर्याप्त कानूनी शक्ति नहीं है। अमेरिका आईसीसी का सदस्य नहीं है, और संघीय सरकार ही विदेश नीति तय करती है। पूर्व अमेरिकी राजदूत डैनियल शापिरो ने कहा, “यह धमकी प्रतीकात्मक है, लेकिन वास्तविक गिरफ्तारी मुश्किल।” फिर भी, नेतन्याहू का दौरा अगर हुआ, तो यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नया मोड़ ला सकता है।
यह विवाद गाजा युद्ध के संदर्भ में और भी गहरा हो जाता है, जहां 40,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इजरायल का दावा है कि हमास के हमलों के बाद यह आत्मरक्षा है। नेतन्याहू की घरेलू कानूनी चुनौतियां भी चल रही हैं, लेकिन वे इन्हें ‘राजनीतिक साजिश’ बता रहे हैं।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं: अमेरिका में विभाजन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस पर टिप्पणी से परहेज किया, लेकिन उनके प्रशासन ने आईसीसी वारंटों को ‘अप्रभावी’ बताया। इजरायली विपक्ष ने नेतन्याहू के बयान की सराहना की, जबकि फिलिस्तीनी समर्थक संगठनों ने मामदानी का साथ दिया। न्यूयॉर्क पोस्ट ने इसे ‘नेतन्याहू का तंज’ करार दिया, जबकि टाइम्स ऑफ इजरायल ने ‘निडर प्रतिक्रिया’ कहा। सोशल मीडिया पर #NetanyahuNYC ट्रेंड कर रहा है, जहां समर्थक और आलोचक आमने-सामने हैं।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




