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इमरान खान की मौत की अफवाहें साबित हुईं झूठी: अधिकारीयों ने खारिज की, आदियाला जेल से पहली वीडियो जारी, पूर्व पीएम स्वस्थ

इस्लामाबाद, 27 नवंबर 2025 (विशेष संवाददाता): पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अफवाहें सोशल मीडिया पर तेजी से फैलीं, लेकिन सरकारी अधिकारियों ने इन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया। आदियाला जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि खान जीवित हैं, स्वस्थ हैं और जेल में ही बंद हैं। जेल अधिकारियों ने पहली बार एक वीडियो जारी किया, जिसमें इमरान खान को सुरक्षित दिखाया गया। यह अफवाहें 26 नवंबर से वायरल हो रही थीं, जिससे पीटीआई समर्थकों में हड़कंप मच गया था।

अफवाहों का जन्म और सरकारी खंडन

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे एक्स (पूर्व ट्विटर) पर कई पोस्ट वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि इमरान खान को अकेले कैद में रखा गया है और उनकी हत्या कर दी गई है। ये अफवाहें पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता और सैन्य प्रभाव के बीच उभरीं। लेकिन पाकिस्तानी सरकार ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा, “इमरान खान स्थिर हैं और आदियाला जेल में ही हैं। मौत की कोई अफवाह सही नहीं है।”

आदियाला जेल के अधिकारियों ने कहा कि खान की सेहत पर नजर रखी जा रही है और वे सामान्य रूप से रह रहे हैं। जेल ने एक छोटी वीडियो क्लिप भी साझा की, जिसमें पूर्व क्रिकेटर और नेता को जेल परिसर में देखा जा सका। यह वीडियो पीटीआई समर्थकों के बीच राहत लेकर आई।

परिवार की चिंता और मुलाकात की मांग

इमरान खान की बहन आलिमा खानम ने अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कोई भी उन्हें छूने की हिम्मत नहीं कर सकता। लेकिन परिवार को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही।” उन्होंने मांग की कि परिवार को तुरंत जेल में खान से मिलने दिया जाए। पीटीआई पार्टी ने भी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच जेल में मुलाकात की मांग की है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “हम प्रमाण चाहते हैं कि वे सुरक्षित हैं।”

खान अगस्त 2023 से कई मामलों में जेल में हैं। परिवार का कहना है कि लंबे समय से मुलाकात न होने से अफवाहें बढ़ी हैं।

राजनीतिक निहितार्थ: सैन्य प्रभाव और अस्थिरता

विशेषज्ञों का मानना है कि ये अफवाहें पाकिस्तान की सैन्य-राजनीतिक तनातनी का परिणाम हैं। इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पीटीआई ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किए, और ये अफवाहें उनमें ईंधन का काम कर सकती हैं। एक विश्लेषक ने कहा, “खान जीवित हैं, लेकिन पाकिस्तान का अतीत मरा नहीं है। सैन्य प्रभाव अभी भी हावी है।”

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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