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निरमला सीतारमण की अपील: निजी क्षेत्र 1 लाख करोड़ के R&D फंड का लाभ उठाकर नवाचार को गति दें

नई दिल्ली, 7 नवंबर 2025: भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निजी क्षेत्र को 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान एवं विकास (R&D) फंड का भरपूर लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह फंड निजी कंपनियों को सूर्योदय क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लंबी अवधि का वित्तपोषण उपलब्ध कराएगा। यह बयान उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद (ESTIC 2025) के उद्घाटन के ठीक बाद आया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 नवंबर को इस फंड का औपचारिक शुभारंभ किया। सीतारमण ने जोर देकर कहा कि निजी क्षेत्र को अब संकोच छोड़कर निवेश बढ़ाना चाहिए, ताकि भारत वैश्विक नवाचार का केंद्र बने।

फंड की पृष्ठभूमि: बजट 2024-25 में घोषणा, अब वास्तविकता

यह 1 लाख करोड़ रुपये का फंड अनुसंधान विकास एवं नवाचार (RDI) योजना का हिस्सा है, जिसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी 2024 में अंतरिम बजट में की थी। योजना का कुल आउटले 6 वर्षों के लिए 1 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह फंड भारत सरकार के समेकित कोष से वित्तपोषित होगा और निजी क्षेत्र को लंबी अवधि के कम या शून्य ब्याज वाले ऋण, इक्विटी निवेश तथा डीप-टेक फंड ऑफ फंड्स के माध्यम से सहायता प्रदान करेगा।

सीतारमण ने बजट भाषण में स्पष्ट रूप से कहा था, “निजी क्षेत्र को सूर्योदय क्षेत्रों में अनुसंधान एवं नवाचार को काफी हद तक बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, 1 लाख करोड़ रुपये का कॉर्पस लंबी अवधि के वित्तपोषण या पुनर्वित्तपोषण के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।” यह फंड उच्च जोखिम वाले लेकिन उच्च प्रभाव वाले प्रोजेक्ट्स के लिए पूंजी उपलब्ध कराएगा, जो लैब से बाजार तक प्रोटोटाइप के संक्रमण को तेज करेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई 2025 में इस योजना को मंजूरी दी, जिससे निजी क्षेत्र में R&D निवेश को गति मिली।

ESTIC 2025: नवाचार का मंच, सीतारमण की अपील का संदर्भ

3 से 5 नवंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ESTIC 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने फंड का उद्घाटन किया। इस तीन दिवसीय परिषद में 3,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें नोबेल विजेता, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, नीति निर्माता और उद्योग प्रतिनिधि शामिल थे। 11 प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई, जैसे उन्नत सामग्री एवं विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बायो-मैन्युफैक्चरिंग, ब्लू इकोनॉमी, डिजिटल संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर विनिर्माण, उभरती कृषि प्रौद्योगिकियां, ऊर्जा, पर्यावरण एवं जलवायु, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रौद्योगिकियां, क्वांटम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी।

हालांकि परिषद का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया, लेकिन वित्त मंत्री सीतारमण ने इस अवसर पर निजी क्षेत्र को संबोधित करते हुए कहा, “सरकार ने R&D के लिए सक्षम वातावरण तैयार किया है। अब निजी कंपनियों को इस फंड का उपयोग करके नवाचार को बढ़ावा देना चाहिए। संकोच न करें, निवेश करें और क्षमता विस्तार करें।” उन्होंने युवा नवप्रवर्तकों से अपील की कि वे तत्काल लाभ की बजाय विचारों पर ध्यान केंद्रित करें। यह अपील सितंबर 2025 में उद्योगपतियों को दिए गए संदेश से जुड़ी हुई है, जहां उन्होंने कहा था, “निजी क्षेत्र को निवेश बढ़ाने में संकोच नहीं करना चाहिए।”

निजी क्षेत्र के लिए अवसर: कैसे उठाएं फंड का लाभ?

RDI फंड के तहत निजी क्षेत्र को लंबी अवधि के वित्तपोषण के अलावा वित्तीय विनियमों में सुधार, खरीद नीतियों में सरलीकरण, प्रोत्साहनों तथा आपूर्ति श्रृंखला ढांचे में बदलाव का लाभ मिलेगा। अनुसंधान को आसान बनाने (Ease of Doing Research) पर जोर दिया गया है, ताकि प्रोटोटाइप बाजार में तेजी से पहुंच सकें। सरकार ने अनुसंधान फाउंडेशन की स्थापना भी की है, जो विश्वविद्यालयों में R&D को मजबूत करेगा।

सीतारमण ने जोर दिया कि भारत का R&D व्यय पिछले दशक में दोगुना हो गया है, पेटेंट 17 गुना बढ़े हैं और देश तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने कहा, “स्टार्टअप्स और R&D से प्रतिभाओं को देश में ही रोका जा रहा है। निजी क्षेत्र को अब साझेदारी करनी चाहिए।” उद्योग जगत से प्रतिक्रिया सकारात्मक आई है, जहां टाटा सन्स के चेयरमैन ने सरकार के प्रयासों की सराहना की।

प्रभाव: भारत को वैश्विक नवाचार हब बनाने की दिशा में कदम

यह फंड न केवल आर्थिक वृद्धि को गति देगा, बल्कि रोजगार सृजन और कौशल विकास को भी बढ़ावा देगा। सीतारमण ने कहा कि निजी क्षेत्र को सरकार के साथ मिलकर युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना डीप-टेक सेक्टर को मजबूत करेगी, जैसे AI, क्वांटम और स्पेस टेक्नोलॉजी में। भारत सरकार का लक्ष्य विकसित भारत @2047 को साकार करना है, जहां R&D प्रमुख भूमिका निभाएगा।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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