नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2025 – अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिनाजॉर्जिवा ने भारत की आर्थिक प्रगति की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा है कि चीन की मंद गति के बीच भारत वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन बन रहा है। वाशिंगटन में आयोजित आईएमएफ-विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों से पहले दिए गए इस बयान में जॉर्जieva ने भारत को “शक करने वालों को गलत साबित करने वाला” देश बताया। उन्होंने भारत के साहसिक सुधारों, जैसे डिजिटल पहचान और कर व्यवस्था में बदलाव, को वैश्विक मॉडल करार दिया। आईएमएफ की नवीनतम अनुमान के अनुसार, भारत 2025 और 2026 में 6.4% की जीडीपी वृद्धि दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनेगा।
वैश्विक विकास में बदलाव: चीन की धीमी गति, भारत की तेज रफ्तार
जॉर्जieva ने कहा, “वैश्विक विकास मध्यम अवधि में लगभग 3% रहने का अनुमान है, जो महामारी पूर्व के 3.7% से कम है। वैश्विक विकास पैटर्न बदल रहे हैं, खासकर चीन की लगातार मंदी के बीच भारत एक प्रमुख विकास इंजन के रूप में उभर रहा है।” उन्होंने जोर दिया कि भारत ने साहसिक सुधारों से संदेहियों को गलत साबित किया है। उदाहरण के तौर पर, उन्होंने बड़े पैमाने पर डिजिटल पहचान प्रणाली (आधार) का जिक्र किया, जिसे शुरुआत में असंभव माना गया था, लेकिन भारत ने इसे सफलतापूर्वक लागू कर दिखाया।
आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की अर्थव्यवस्था 2025 में 4.8% और 2026 में 4.2% की दर से बढ़ेगी, जबकि अमेरिका की वृद्धि 1.9% (2025) और 2.0% (2026) रहेगी। इसके विपरीत, भारत की मजबूत खपत, निवेश और जीएसटी जैसे संरचनात्मक सुधारों से 2025-26 की पहली तिमाही में 7.8% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी 2025-26 के लिए जीडीपी अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 6.8% कर दिया है।
साहसिक सुधार: भारत का वैश्विक मॉडल
जॉर्जieva ने भारत के आर्थिक सुधारों की सराहना करते हुए कहा, “मैं भारत की साहसिकता की बड़ी प्रशंसक हूं। उदाहरण के लिए, सभी ने कहा था कि बड़े पैमाने पर डिजिटल पहचान संभव नहीं, लेकिन भारत ने संदेहियों को गलत साबित कर दिया।” उन्होंने जीएसटी सुधारों, कर संग्रह में वृद्धि और निजी क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने वाले कदमों का उल्लेख किया। विश्व बैंक ने भी भारत के 2025-26 के जीडीपी अनुमान को 6.3% से बढ़ाकर 6.5% कर दिया है।
आईएमएफ प्रमुख ने चेतावनी दी कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में कर्ज का बोझ बढ़ रहा है और अमेरिका-चीन व्यापार तनाव से जोखिम हैं। फिर भी, भारत जैसे उभरते बाजारों की मजबूती वैश्विक पुनरुद्धार का आधार बनेगी। उन्होंने देशों से निजी क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने, संस्थाओं को मजबूत करने और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की सलाह दी।
भारत की प्रगति: आंकड़ों में ताकत
- जीडीपी वृद्धि: 2025-26 की पहली तिमाही में 7.8%, आईएमएफ अनुमान 6.4% (2025-26)।
- खपत और निवेश: मजबूत उपभोक्ता खर्च और जीएसटी में सरलीकरण से बाहरी चुनौतियों का मुकाबला।
- वैश्विक योगदान: भारत अब वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन, जो महामारी के बाद की मंदी में चमक रहा है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




