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जैसलमेर बस हादसा: चलती बस में आग लगने से 10 की मौत, 20 से अधिक घायल; बचाव के लिए कूदे यात्री

जैसलमेर, 14 अक्टूबर 2025 – राजस्थान के जैसलमेर जिले में आज सुबह एक भयानक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। जोधपुर से जैसलमेर आ रही एक तेजराशि बस में अचानक आग लग गई, जिसमें कम से कम 10 यात्रियों की जलकर मौत हो गई। हादसे में 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। जान बचाने के लिए कई यात्री खिड़कियों से कूद पड़े, जिससे उनकी चोटें और गंभीर हो गईं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य तेज कर दिया है, लेकिन आग की तीव्रता के कारण कई शवों की पहचान मुश्किल हो रही है। यह हादसा जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर सम धोरा के पास हुआ, जहां बस का टायर फटने के बाद शॉर्ट सर्किट से आग लगी।

हादसे का विवरण: टायर फटने से शुरू हुई तबाही

सुबह करीब 6:30 बजे जोधपुर से चली राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (आरएसआरटीसी) की बस संख्या RJ-45-UA-1234 में 50 से अधिक यात्री सवार थे। अधिकांश यात्री जैसलमेर के आसपास के गांवों के निवासी थे, जो परिवार के साथ लौट रहे थे। हाईवे पर सम धोरा के पास बस का अगला टायर अचानक फट गया, जिससे चालक का नियंत्रण ढीला पड़ गया। बस सड़क किनारे रुकी, लेकिन इंजन से धुआं निकलने लगा। कुछ ही सेकंडों में आग की लपटें भड़क उठीं, जो तेजी से पूरे वाहन में फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर बाहर कूदना शुरू कर दिया, लेकिन आग की गर्मी और धुएं से कई फंस गए।

एक जीवित बचे यात्री रामलाल ने बताया, “बस में बच्चे रो रहे थे। चालक ने ब्रेक लगाया, लेकिन आग इतनी तेज थी कि दरवाजा खोलने का मौका ही न मिला। मैं खिड़की से कूद पड़ा, लेकिन मेरी पत्नी अंदर ही रह गई।” हादसे में मरने वालों में 5 महिलाएं, 3 बच्चे और 2 बुजुर्ग शामिल हैं। घायलों को जैसलमेर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां 8 की हालत गंभीर है।

बचाव कार्य: फायर ब्रिगेड की टीम ने 2 घंटे तक संघर्ष किया

जैसलमेर जिला प्रशासन ने हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और एम्बुलेंस की टीमों को रवाना किया। आग बुझाने में करीब 2 घंटे लग गए, क्योंकि हाईवे पर पानी की कमी थी। स्थानीय ग्रामीणों ने भी बचाव में हाथ बंटाया। एसपी डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया, “घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में बस का मेंटेनेंस खराब पाया गया है। ड्राइवर और कंडक्टर को हिरासत में ले लिया गया है।” मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं, और घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को 2-2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी 50-50 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान किया और जिला कलेक्टर को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए

हादसे के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा, “बसों के रखरखाव की लापरवाही से ऐसी त्रासदी हो रही है। सरकार जिम्मेदारी ले।” वहीं, भाजपा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जांच की मांग की। स्थानीय विधायक ने विधानसभा में मामले को उठाने का वादा किया। यह हादसा राजस्थान में हाल के सड़क दुर्घटनाओं की कड़ी का हिस्सा लगता है, जहां पिछले महीने ही 3 अन्य हादसों में 15 लोग मारे गए थे।

सड़क सुरक्षा पर सवाल: पुरानी बसें और हाईवे की स्थिति

जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर वाहनों की अधिक संख्या और पुरानी बसों का उपयोग एक बड़ी समस्या है। विशेषज्ञों का कहना है कि आरएसआरटीसी की बसों का समय पर मेंटेनेंस न होने से ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं। एनएचएआई ने हाईवे पर स्पीड ब्रेकर और साइनेज बढ़ाने का वादा किया है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार की कमी है। यात्रियों ने मांग की है कि बसों में फायर एक्सटिंग्विशर और इमरजेंसी एग्जिट अनिवार्य हों।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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