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दुर्गापुर गैंगरेप कांड: मेडिकल छात्रा पर बर्बर हमला, पांचों आरोपी गिरफ्तार; ममता की टिप्पणी पर बवाल

दुर्गापुर, 14 अक्टूबर 2025 – पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज की दूसरी वर्ष की एमबीबीएस छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। 10 अक्टूबर की रात दोस्त के साथ डिनर के लिए बाहर निकली 23 वर्षीय ओडिशा की इस छात्रा को कैंपस के बाहर जंगल में घसीटकर पांच लोगों ने बारी-बारी से शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने आज अपराध स्थल पर पांचों आरोपी और पीड़िता के दोस्त को ले जाकर घटना का पुनर्निर्माण किया। सभी आरोपी स्थानीय निवासी हैं और गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन राजनीतिक विवाद और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की विवादास्पद टिप्पणी ने मामला और गरमा दिया है। पीड़िता की हालत स्थिर है, लेकिन उसके परिवार ने बंगाल को असुरक्षित बताते हुए उसे ओडिशा ले जाने की इच्छा जताई है।

घटना का काला अध्याय: दोस्त ने छोड़ा साथ, जंगल में घसीटा

घटना 10 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे की है। दुर्गापुर के शोभापुर इलाके में स्थित निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा, जो ओडिशा के बालासोर जिले के जलेश्वर की निवासी है, अपने एक पुरुष मित्र के साथ कैंपस से बाहर डिनर के लिए निकली। कैंपस गेट के पास ही एक आरोपी ने उसे खींच लिया और पास के जंगल में ले जाकर पहले अकेले शोषण किया। उसके बाद चार अन्य साथियों ने बारी-बारी से अपराध किया। पीड़िता के चीखने-चिल्लाने पर आरोपी उसे धमकी देते हुए चुप कराते रहे। घटना के बाद उन्होंने पीड़िता का मोबाइल फोन और 5,000 रुपये नकद लूट लिए।

पीड़िता के मित्र ने उसे अकेला छोड़ दिया था, जिसके लिए पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। पीड़िता के सहपाठियों ने शनिवार सुबह उसके परिवार को फोन किया, जिसके बाद वे दुर्गापुर पहुंचे। पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की टीम ने पीड़िता से मुलाकात की और जांच की निगरानी करने का आश्वासन दिया।

पुलिस कार्रवाई: पांचों आरोपी गिरफ्तार, बहन की मदद से मुख्य आरोपी पकड़ा

असनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 अक्टूबर को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। 13 अक्टूबर को दो और को पकड़ा गया, जिससे कुल पांचों आरोपी हिरासत में हैं। मुख्य आरोपी सفیक स्क (Safiq Sk) को उसकी बड़ी बहन रोजिना स्क ने पुलिस की मदद से पकड़वाया। बहन ने बताया कि सфиक डर के मारे कांप रहा था, लेकिन उसने कानून का पालन कराने का फैसला किया। अन्य आरोपी स्क नसीरुद्दीन सहित स्थानीय युवक हैं।

तीनों मुख्य आरोपियों को 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए कोर्ट में अपील करेगी। डीसीपी अभिषेक गुप्ता ने कहा, “जांच जारी है, पीड़िता को पूर्ण सुरक्षा दी जा रही है।” आज दोपहर अपराध स्थल पर पुनर्निर्माण किया गया, जहां पांचों आरोपी और पीड़िता का मित्र मौजूद था।

राजनीतिक बवाल: ममता की टिप्पणी पर विपक्ष का हमला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना को “निंदनीय” बताते हुए कहा कि कोई आरोपी बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन उनकी यह टिप्पणी विवादों में आ गई कि “लड़कियां रात में बाहर न निकलें, खुद को बचाना भी जरूरी है।” भाजपा ने इसे असंवेदनशील करार देते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है, न कि पीड़िता की। भाजपा नेता लॉकेत चटर्जी ने प्रोटेस्ट किया और टीएमसी पर आरोपी के राजनीतिक कनेक्शन का आरोप लगाया।

राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने पीड़िता के पिता से बात की और समर्थन का आश्वासन दिया। आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड (2024) से तुलना हो रही है, जहां डॉक्टर की हत्या के बाद बड़े प्रोटेस्ट हुए थे। छात्र संगठनों ने कॉलेजों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग ने कॉलेज से रिपोर्ट मांगी है।

पीड़िता का परिवार: “बंगाल असुरक्षित, बेटी को वापस ले जाना चाहते हैं”

पीड़िता के पिता ने कहा, “हमने शनिवार सुबह कैंपस पहुंचकर बेटी को अस्पताल में देखा। वह ठीक नहीं है। बंगाल असुरक्षित है, हम उसे ओडिशा ले जाना चाहते हैं।” मां ने शिकायत में बताया कि दोस्त ने बेटी को अकेला छोड़ दिया था। परिवार ने तेज कार्रवाई की सराहना की, लेकिन न्याय की मांग की।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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