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जन सुराज पार्टी ने राघोपुर से चंचल सिंह को उम्मीदवार घोषित किया: प्रशांत किशोर खुद नहीं लड़ेंगे तेजस्वी के खिलाफ

पटना, 14 अक्टूबर 2025 – बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभेरी बजते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जन सुराज पार्टी (जेएसपी) ने मंगलवार को अपनी तीसरी उम्मीदवार सूची जारी करते हुए वैशाली जिले की राघोपुर विधानसभा सीट से स्थानीय व्यवसायी चंचल सिंह को टिकट थमा दिया। यह फैसला पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर के तेजस्वी यादव के खिलाफ मैदान में उतरने की अटकलों पर विराम लगा देता है। राघोपुर से तीन बार विधायक रह चुके आरजेडी नेता तेजस्वी यादव हेट्रिक लगाने को बेताब हैं, लेकिन जन सुराज ने चंचल सिंह को चुना, जो पार्टी की युवा इकाई के उपाध्यक्ष भी हैं।

उम्मीदवार घोषणा: समय की कमी से सीधे सिंबल वितरण

जन सुराज पार्टी के राज्य प्रमुख मनोज भारती ने मंगलवार शाम घोषणा की कि चंचल सिंह को राघोपुर से पार्टी का टिकट दिया गया है। उन्होंने कहा, “समय की कमी के कारण हमने 20 उम्मीदवारों को सीधे पार्टी सिंबल सौंप दिया, जिसमें चंचल सिंह भी शामिल हैं।” चंचल सिंह पहले जनता दल (यूनाइटेड) से जुड़े थे और अब जन सुराज की युवा शाखा के उपाध्यक्ष हैं। पार्टी ने सोमवार को 65 सीटों पर दूसरी सूची जारी की थी, लेकिन राघोपुर का नाम गुप्त रखा गया था। आज जारी तीसरी सूची में इस सीट का फैसला हो गया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने चंचल सिंह को पार्टी सिंबल सौंपते हुए कहा, “चंचल सिंह स्थानीय मुद्दों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। वे राघोपुर के विकास के लिए नई ऊर्जा लाएंगे।” यह घोषणा पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जहां प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि वे खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे। किशोर ने कहा, “मैं पार्टी को मजबूत बनाने पर फोकस करूंगा, न कि व्यक्तिगत चुनाव पर।”

राघोपुर सीट का महत्व: तेजस्वी बनाम जन सुराज की जंग

राघोपुर वैशाली जिले की एक महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, जहां 2015 और 2020 के चुनावों में तेजस्वी यादव ने शानदार जीत हासिल की थी। आरजेडी के इस गढ़ को भेदना जन सुराज के लिए बड़ी चुनौती है। चंचल सिंह ने कहा, “राघोपुर में बाढ़, बेरोजगारी और विकास की कमी जैसे मुद्दों पर हम जनता के बीच जाएंगे। प्रशांत जी के विजन से हम नई बिहार की नींव रखेंगे।”

प्रशांत किशोर ने 11 अक्टूबर को राघोपुर से ही अपनी चुनावी यात्रा शुरू की थी, जिससे अटकलें तेज हो गई थीं। लेकिन अब स्पष्ट है कि किशोर मैदान में नहीं उतरेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि यह रणनीतिक फैसला है, ताकि पार्टी स्थानीय चेहरे पर जोर दे सके। जन सुराज ने अब तक 150 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, जो बिहार की 243 सीटों में से अधिकांश को कवर करता है।

जन सुराज का बिहार फोकस: युवा नेतृत्व और स्थानीय चेहरों पर दांव

जन सुराज पार्टी, जो 2022 में प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित की गई थी, बिहार में अपनी पहली बड़ी चुनावी परीक्षा दे रही है। पार्टी ने मई 2025 में उदय सिंह को पहला राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना था। चंचल सिंह जैसे स्थानीय उम्मीदवारों को चुनकर पार्टी युवा और विकास-केंद्रित छवि बनाने की कोशिश कर रही है। किशोर ने कहा, “हमारा लक्ष्य बिहार को शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे के मामले में नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।”

विपक्षी दलों ने इस घोषणा पर प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी ने इसे “प्रशांत किशोर का बैकफुट” करार दिया, जबकि जेडीयू ने कहा कि जन सुराज की हार तय है। तेजस्वी यादव कल नामांकन भरेंगे, जिससे चुनावी माहौल और गर्म हो जाएगा।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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