Saryu Sandhya News

अमित शाह ने एनएसजी के 41वें स्थापना दिवस पर हिस्सा लिया: अयोध्या में नया हब और ट्रेनिंग सेंटर की घोषणा, आतंकवाद के खिलाफ मजबूत कदम

मानेसर (हरियाणा), 14 अक्टूबर 2025 – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के 41वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लेते हुए ‘ब्लैक कैट’ कमांडो बल की बहादुरी की सराहना की। हरियाणा के मानेसर स्थित एनएसजी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने विशेष अभियान प्रशिक्षण केंद्र (एसओटीसी) का उद्घाटन किया, जो 141 करोड़ रुपये की लागत से 8 एकड़ क्षेत्र में बनाया गया है। इस केंद्र का उपयोग न केवल एनएसजी कमांडो के प्रशिक्षण के लिए होगा, बल्कि पूरे देश के राज्यों की एंटी-टेरर यूनिटों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। शाह ने अयोध्या में एनएसजी का सातवां हब स्थापित करने की घोषणा की, जो आतंकवाद के खिलाफ देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।

स्थापना दिवस समारोह: बहादुरी का प्रदर्शन और शाह का संबोधन

एनएसजी का स्थापना दिवस हर साल 16 अक्टूबर को मनाया जाता है, लेकिन इस बार मुख्य समारोह मानेसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एनएसजी कमांडो ने स्टंट, डेमो और अभियान कौशल का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखकर शाह ने कहा, “एनएसजी के प्रदर्शन को देखकर देश का हर नागरिक संतुष्ट होता है कि हमारी सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सुरक्षित हाथों में है।” शाह ने एनएसजी के ‘सर्वत्र, सर्वोत्तम, सुरक्षा’ के सिद्धांतों और समर्पण, साहस, राष्ट्रभक्ति को अपनी पहचान बताते हुए कहा कि यह बल पिछले चार दशकों से संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ कठिन लड़ाई लड़ रहा है।

शाह ने एनएसजी की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “1984 में स्थापित एनएसजी ने ऑपरेशन अश्वमेध, ऑपरेशन सर्वशक्ति, ऑपरेशन धंगू, अक्षरधाम हमला, मुंबई 26/11 हमले और कई अन्य राष्ट्रीय संकटों में देश की रक्षा की।” उन्होंने मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का जिक्र करते हुए अनुच्छेद 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया, जो पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने में सफल रहे। शाह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के मुख्यालय, प्रशिक्षण केंद्र और लॉन्च पैड को तबाह कर दिया। अब आतंकियों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची।”

अयोध्या में एनएसजी हब: सातवां केंद्र, 24×7 तैनाती

कार्यक्रम के दौरान शाह ने अयोध्या में एनएसजी का सातवां हब स्थापित करने की घोषणा की। वर्तमान में मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद और जम्मू टास्क फोर्स में छह हब कार्यरत हैं। अयोध्या हब उत्तर भारत में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा, खासकर राम मंदिर और धार्मिक महत्व के स्थल पर। शाह ने कहा, “अयोध्या हब में एनएसजी कमांडो 24 घंटे, 365 दिनों साल भर तैनात रहेंगे, ताकि किसी भी आतंकी हमले का तुरंत मुकाबला हो सके।” यह कदम 2008 मुंबई हमलों के बाद एनएसजी की पहुंच बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है, जब दिल्ली से हेलीकॉप्टर द्वारा कमांडो भेजने में देरी की समस्या उजागर हुई थी।

विशेष अभियान प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन: राज्यों के लिए वरदान

शाह ने मानेसर में ही 141 करोड़ रुपये की लागत से बने विशेष अभियान प्रशिक्षण केंद्र (एसओटीसी) का उद्घाटन किया। यह आधुनिक केंद्र 8 एकड़ क्षेत्र में फैला है और एनएसजी के अलावा राज्य पुलिस की एंटी-टेरर दलों को प्रशिक्षण देगा। शाह ने राज्यों से अपील की, “यह केंद्र केवल एनएसजी के लिए नहीं, बल्कि सभी राज्य पुलिस बलों के लिए है। इससे आतंकवाद से लड़ने की क्षमता मजबूत होगी।” केंद्र में उन्नत तकनीक से लैस सुविधाएं होंगी, जो कमांडो को वास्तविक अभियानों के लिए तैयार करेगी।

आतंकवाद विरोधी कानूनों पर जोर: यूएपीए संशोधन और नई आपराधिक विधियां

शाह ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार के कदमों का जिक्र करते हुए यूएपीए (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) में संशोधन, पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) जैसे संगठनों पर प्रतिबंध, आतंकी फंडिंग की वैज्ञानिक जांच और मल्टी एजेंसी सेंटर को मजबूत बनाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “तीन नई आपराधिक विधियों में पहली बार ‘आतंकवाद’ की परिभाषा दी गई है, जिससे अदालतों में पहले की खामियां दूर हो गईं। अब तक 57 व्यक्तियों और कई संगठनों को गैरकानूनी घोषित किया गया है।” शाह ने जोर देकर कहा कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादियों को पकड़ने के लिए धरती की गहराइयों तक जाएंगी।

saryusandhyanews
Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज