संसद में अमित शाह का शक्तिशाली रुख – ऑपरेशन सिंदूर पर बयान
- दिनांक: 28 जुलाई 2025
- सभा: लोकसभा, मॉनसून सत्र विशेष चर्चा
भाषण के मुख्य बिंदु
1. विरोधियों पर तीखी तंज
अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ऑपरेशन सिंदूर पर भाषण दे रहे थे, विपक्ष द्वारा लगातार व्यत्यय दिए गए। इस पर शाह बोले:
“Will you not believe your own foreign minister?”
मतलब, “क्या आप अपने विदेश मंत्री पर विश्वास नहीं करते?”
उन्होंने यह कहते हुए उठाया कि विपक्ष भारत के विदेश मंत्री की बात न मानकर विदेशी बयान (जैसे ट्रम्प के) पर भरोसा करता है।
2. अभिव्यक्ति में तीव्रता
शाह ने विरोधियों को चेतावनी दी:
“You’ll sit there for next 20 years”
— यानी, “आप अगली 20 साल तक वहीं सीट पर ही बैठे रहेंगे।”
यह संदेश था कि कांग्रेस जैसे दल आत्मनिर्भर न होकर बाहरी कथनों का अनुसरण करते हैं, इसलिए वे विपक्ष में रहेंगे।
3. राजनीतिक भरोसा और राष्ट्रीयता
अमित शाह ने लोकतांत्रिक संवेदनशीलताओं को उठाते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष ने विदेशी नेताओं (विशेषकर ट्रम्प) की बातों पर अधिक भरोसा जताया, बजाय भारत सरकार के मान्य सूत्रों पर।
“Congress doesn’t trust its own EAM, it trusts some other country.”
निष्कर्ष: अमित शाह का संदेश क्या था?
- आपात प्रतिक्रिया की नीति को महत्व: शाह का कहना था कि ऑपरेशन सिंदूर भारत का स्पष्ट, आत्मनिर्भर और रणनीतिक निर्णय था जिसपर पूरी तरह भरोसा किया जाना चाहिए।
- विरोधी विश्वास पर सवाल: उन्होंने विरोधियों की रणनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष अपनी पार्टी और देश की मान्यताओं की बजाय बाहरी कथनों पर निर्भर रहता है, जो लोकतांत्रिक विश्वास के लिए खतरनाक है।
- विरोधियों को चेतावनी: शाह की टिप्पणी—”आप अगले 20 साल तक विपक्ष में रहेंगे”—एक राजनीतिक चेतावनी थी कि इस रणनीति का चुनाव करने वाले घरेलू दल चुनावों तक दबे रहेंगे।
इस प्रकार अमित शाह का भाषण विरोधियों की नीतियों पर गंभीर सवाल, ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन, और राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता और सरकार के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में केंद्रित था।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




