आज विशेष मुलाकात में बात करेंगे चर्चित शख्सियत श्री चरण आहूजा जी से, भट्टों से जुड़े तीखे लेकिन स्वाभाविक सवाल और उतने ही चालाकी भरे उत्तरों की वर्णमाला आहूजा जी के मुख बिंदुओं से। आज विशेष मुलाकात में बात करेंगे चर्चित शख्सियत श्री चरण आहूजा जी से, भट्टों से जुड़े तीखे लेकिन स्वाभाविक सवाल और उतने ही चालाकी भरे उत्तरों की वर्णमाला आहूजा जी के मुख बिंदुओं से। अजय कुमार पांडे, संपादक एसएसएन- 1.भट्टा व्यवसाय के सबसे बड़े परेशानी जो आज मुखर होकर सामने आ रही है चरण आहूजा: हम समाज के उस तबके को रोजी-रोटी दे रहे हैं जो शिक्षित नहीं है, 300 बासिंदों के परिवार को हर ब्रिक क्लिन व्यवसाय दे रहा है।हम सभी मंदी के दौर से गुजर रहे हैं, सरकार को हर सरकारी योजनाओं में लगभग 80% काम हमारे मिट्टी से बने इंटों से करना चाहिए,चाहे प्राधिकरणों का कार्य हो या निर्माण से जुड़े सभी संस्थानों का, सीमेंट और फ्लाई ऐश से बने इंटे जो कार्सिनोजेनिक होते हैं प्राथमिकता के श्रेणी में हैं,हमारे व्यवसाय में कोई हस्तक्षेप की नीति तय नहीं है, जबकि हर माप दंड में हम कटिबद्ध रहते हैं।हाँ, हम ये जरूर कहेंगे माननीय मुख्यमंत्री महोदय का साथ हम सभी के ऊपर आशीर्वाद के रूप में रहा है।(मुस्कुराते हुए). 2. प्रदूषण नियंत्रण और खनन के बारे में शिकायत पर आप क्या कहेंगे, हर कुछ दिन में शिकायत रहती है? चरण आहूजा: हम किसान से ली हुई ज़मीन से मानक के अनुरूप ही मिट्टी लेते हैं, सीजन के बाद वह उस ज़मीन पर खेती करते हैं, जहां तक बात रही प्रदूषण की, हमारा भट्टा एसोसिएशन समय-समय पर इस विषय पर भट्टा मालिकों से समन्वय कर उच्च एवं प्रभावी तकनीक का इस्तेमाल करती है जिससे प्रदूषण कम हो, आसमान बिलकुल साफ रखना हमारे अकेले की जिम्मेदारी नहीं है।सवाल जवाब के अगले हिस्से के लिए जुड़े रहें पूरे हफ्ते, कल शाम के बाराबंकी विशेष में।

Author: saryusandhyanews
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