कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर संग हुए रेप और मर्डर मामले में बड़ा अपडेट आया है। सीबीआई ने दोषी संजय रॉय की निचली अदालत के फैसले के खिलाफ फांसी की सजा के लिए हाईकोर्ट में अपील है। कोलकाता की सियालदाह कोर्ट ने शनिवार को संजय रॉय को इस मामले में दोषी करार दिया था और सोमवार को संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
कोर्ट ने कहा था कि दोषी संजय रॉय को उसकी मौत होने तक जेल में ही रहना होगा। इसके अलावा उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जज ने राज्य सरकार को पीड़िता के परिवार को 17 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का आदेश भी दिया है।
कोर्ट ने कहा- यह रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामला नहीं
बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में 8 अगस्त की रात को ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर के दोषी संजय रॉय को उम्रकैद (मरते दम तक जेल) की सजा सुनाई गई और 50 हजार का जुर्माना लगाया। सियालदह कोर्ट के जज अनिर्बान दास ने सोमवार, दोपहर 2:45 बजे सजा सुनाते हुए कहा, ‘यह रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामला नहीं है। मौत की सजा नहीं दी सकती।’
कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह पीड़ित परिवार को 17 लाख रुपए मुआवजा दे। हालांकि परिवार ने इसे लेने से इनकार कर दिया। फैसला सुनाने से पहले दोपहर 12:30 बजे कोर्ट ने दोषी संजय, CBI और पीड़ित परिवार की बातें सुनीं। संजय से कहा- यह बताया जा चुका है कि तुम किन अपराधों के दोषी हो।कोर्ट ने 18 जनवरी को संजय को दोषी ठहराया था। घटना के 164वें दिन (20 जनवरी) सजा पर 160 पेज का फैसला सुनाया। CBI और पीड़ित परिवार ने मौत की सजा मांगी थी। संजय का परिवार बोला- भले ही फांसी हो। हम फैसले के खिलाफ अपील नहीं करेंगे। संजय की मां ने कहा कि मैं उस लड़की के मां-बाप का दुख समझती हूं, मेरी भी बेटियां हैं।

Author: saryusandhyanews
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