मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के युवाओं और देश के रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं (Uniformed Services) में सेवा दे चुके पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
यह कदम देश के उन युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया है, जिन्होंने ‘अग्निपथ योजना’ के तहत भारतीय सशस्त्र बलों में अपनी सेवाएं पूरी कर ली हैं।
कैबिनेट के फैसले और मुख्य बिंदु
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ग्रुप-सी सेवाओं में 10% क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation): महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि राज्य की विभिन्न वर्दीधारी ‘ग्रुप-सी’ (Group-C) सेवाओं और पुलिस बलों में पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा।
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पुलिस बल में पहली नियुक्तियां: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जानकारी दी है कि इस नीति के तहत थल सेना, नौसेना और वायु सेना से सेवा पूरी कर लौटे अग्निवीरों को पुलिस बल में शामिल किया जा रहा है। इसके तहत शुरुआती चरण में 282 अग्निवीरों (जिसमें 150 सीमैन डेकसाइड और 132 सीमैन इंजनसाइड शामिल हैं) को पुलिस कांस्टेबल के रूप में नियुक्त किया गया है तथा उन्हें नियुक्ति पत्र भी सौंप दिए गए हैं।
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अनुशासित और प्रशिक्षित मानव संसाधन का लाभ: सरकार का मानना है कि सेना से अनुशासित, प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष होकर लौटने वाले युवा राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र को और अधिक मजबूत बनाएंगे।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



