विजयादशमी एवं दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ 🪔
श्रीमद्भगवद्गीता श्लोक:
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥ परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्। धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे॥
भावार्थ:
भगवान श्री कृष्ण अर्जुन से कहते हैं— “हे भारत! जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब मैं अपने रूप को रचता हूँ अर्थात प्रकट होता हूँ। सज्जनों के उद्धार, दुष्कर्मियों के विनाश और धर्म की पुनः स्थापना के लिए मैं युग-युग में प्रकट होता हूँ।”
शुभकामना संदेश
अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अंधकार पर प्रकाश की विजय के महापर्व विजयादशमी (दशहरा) एवं दीपोत्सव (दीपावली) के पावन अवसर पर आप सभी देशवासियों, ग्राहकों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों को विनमोर ग्रुप (Winmore Group) परिवार की ओर से हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
श्रीमद्भगवद्गीता का यह अमर संदेश हमें सिखाता है कि हर परिस्थिति में सत्य, निष्ठा और कर्तव्य मार्ग पर चलते हुए ही सफलता और समृद्धि प्राप्त की जा सकती है।
ईश्वर से कामना है कि यह दीपोत्सव आपके जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, सुख-शांति, नए अवसरों की रोशनी और निरंतर प्रगति लेकर आए। आइए, इस शुभ अवसर पर हम सब मिलकर सकारात्मकता, ईमानदारी और भलाई के दीपे जलाएं।
शुभचिंतक:
श्री ज्ञानेश्वर शर्मा
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)
विनमोर ग्रुप (Winmore Group)
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



