विजयादशमी एवं दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ 🪔
रामचरितमानस चौपाई: “प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। ह्रदयँ राषि कोसलपुर राजा॥” “गरल सुधा रिपु करहिं मिताई। गोपद सिंधु सीनल सिधुताई॥”
भावार्थ: अयोध्यापुरी के राजा श्री रामचंद्र जी को हृदय में धारण करके नगर में प्रवेश करके सब काम कीजिए। उनके प्रभाव से विष भी अमृत बन जाता है, शत्रु भी मित्र बन जाते हैं और विशाल समुद्र भी गाय के खुर के बराबर छोटा हो जाता है।
शुभकामना संदेश
अधर्म पर धर्म की विजय के पावन पर्व विजयादशमी (दशहरा) तथा प्रकाश, सुख-समृद्धि एवं सनातन संस्कृति के प्रतीक दीपोत्सव (दीपावली) के सुअवसर पर आप सभी प्रदेशवासियों, पाठकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामजी का जीवन हमें सत्य, न्याय, त्याग, समरसता और समाज कल्याण की प्रेरणा देता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि यह दीपोत्सव आप सभी के जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, अपार सुख, शांति, समृद्धि और सफलता का उजाला लेकर आए।
आइए, इस पावन अवसर पर हम सब मिलकर अज्ञान और अंधकार रूपी बुराइयों का त्याग कर ज्ञान, सेवा और सद्भाव के दीपक को प्रज्वलित करने का संकल्प लें।
शुभचिंतक:
डॉ. सविता वर्मा
सलाहकार, सरयूसंध्यान्यूज.कॉम (saryusandhyanews.com)
प्रबंध निदेशक (Managing Director), एच.पी. वर्मा कॉलेज ऑफ फार्मेसी (HP College of Pharmacy)
कोठी, बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



