भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे (Dushanbe) की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे हैं। वह दुशांबे में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शासनाध्यक्षों की परिषद (Council of Heads of Government – CHG) की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
दुशांबे हवाई अड्डे पर पहुंचने पर ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोदा (Emomali Sobirzoda) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का औपचारिक स्वागत किया।
ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता
SCO बैठक से इतर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोदा के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की।
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क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण: दोनों नेताओं के बीच आपसी हित के क्षेत्रों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने, विशेष रूप से सैन्य क्षमता निर्माण (Capacity Building) और रक्षा प्रशिक्षण में साझेदारी को विस्तार देने पर सार्थक चर्चा हुई।
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मध्य एशिया में रणनीतिक साझेदारी: ताजिकिस्तान मध्य एशिया में भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक भागीदार है। दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी तंत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
SCO शासनाध्यक्षों की परिषद (CHG) बैठक के मुख्य बिंदु
दुशांबे में आयोजित इस बहुपक्षीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य SCO सदस्य देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है:
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आर्थिक व व्यापारिक सहयोग: सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, नवाचार (Innovation), और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
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कनेक्टिविटी और संस्कृति: मध्य एशियाई क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी और जन-से-जन के संबंधों (People-to-People Exchanges) को बढ़ाने के लिए जारी पहलों की समीक्षा की जा रही है।
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भारत का दृष्टिकोण: भारत ने स्टार्टअप्स, पारंपरिक चिकित्सा, डिजिटल तकनीक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से SCO में सक्रिय भागीदारी की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




