चेक बाउंस के लंबे समय से चले आ रहे मामले का सामना कर रहे बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उन्हें फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में कनाडा जाने की अनुमति दे दी है और उनका पासपोर्ट रिलीज करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अभिनेता काम पर जाएं, पैसे कमाएं और अपने बकाये का भुगतान करें।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और निर्देश
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“जाइए, पैसे कमाइए और कर्ज चुकाइए”: सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि कोर्ट चाहता है कि राजपाल यादव काम जारी रखें ताकि वे अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा कर सकें।
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ट्रायल कोर्ट की शर्तें: सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अभिनेता का पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट की निर्धारित शर्तों के अधीन जारी किया जाएगा। विदेश यात्रा पूरी करने के बाद उन्हें ट्रायल कोर्ट में इसकी जानकारी देनी होगी।
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मामला मध्यस्थता (Mediation) को भेजा गया: विवाद के स्थायी और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को एक मध्यस्थ के पास भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद साल 2010 से जुड़ा हुआ है, जब राजपाल यादव ने बतौर निर्देशक अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिसके बाद उन्हें भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा।
रकम लौटाने के समझौते के तहत दिए गए चेक बाउंस हो जाने के बाद यह मामला अदालत में पहुंचा था।
2 करोड़ रुपये किए जमा
हालिया सुनवाई में अभिनेता के वकील ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्देशों का पालन करते हुए रजिस्ट्री में 2 करोड़ रुपये की राशि जमा कराई जा चुकी है। बकाया राशि का भुगतान होने और पासपोर्ट रिलीज की अनुमति मिलने के बाद अब राजपाल यादव के कनाडा जाकर अपने प्रोफेशनल प्रोजेक्ट्स पूरे करने का रास्ता साफ हो गया है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




