नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए एक बार फिर राष्ट्र के सामर्थ्य, जनभागीदारी और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया है। एक प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने “वी कैन डू इट” (हम यह कर सकते हैं) का मजबूत संदेश देते हुए कहा कि भारत के पास हर चुनौती से निपटने और किसी भी वैश्विक लक्ष्य को हासिल करने की क्षमता और संसाधन मौजूद हैं।
संबोधन की मुख्य बातें और प्रमुख बिंदु:
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युवा शक्ति और नवाचार पर भरोसा: प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी और उनका इनोवेटिव माइंडसेट है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे रिस्क लेने से न डरें और स्टार्टअप व नए विचारों को आगे बढ़ाएं।
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आत्मनिर्भर भारत का संकल्प: स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जब 140 करोड़ नागरिक एक दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।
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तकनीक और डिजिटल क्रांति: पीएम ने भारत की डिजिटल सफलता (जैसे UPI और अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों) का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया अब भारत के तकनीकी नेतृत्व को स्वीकार कर रही है।
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जनभागीदारी (Jan Bhagidari): उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां तब सबसे अधिक प्रभावी होती हैं जब देश का प्रत्येक नागरिक उसमें सक्रिय रूप से भागीदार बनता है।
वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता प्रभाव
| क्षेत्र | प्रधानमंत्री का संदेश / लक्ष्य |
| आर्थिक प्रगति | भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में तेजी से कदम |
| स्वदेशी उत्पादन | रक्षा, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में “मेक इन इंडिया” को गति |
| वैश्विक पहचान | जलवायु परिवर्तन और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भारत की अग्रणी भूमिका |
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




