मुंबई:
उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास ‘एंटीलिया’ के बाहर विस्फोटकों से भरी कार मिलने और व्यवसायी मनसुख हिरेन हत्याकांड के मुख्य आरोपी पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे (Sachin Waze) की जमानत का मामला अदालत में पहुंच गया है। विशेष NIA अदालत द्वारा दी गई जमानत को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद हाई कोर्ट ने वाजे की जमानत पर अंतरिम रोक (Stay) को बढ़ा दिया है।
पूरा मामला और अदालती घटनाक्रम:
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विशेष कोर्ट से मिली थी जमानत: एनआईए की विशेष अदालत ने सचिन वाजे को जमानत दी थी। अदालत ने सुनवाई के दौरान मामले के लंबा खींचने और प्रथम दृष्टया आतंकी इरादों के पुख्ता सबूत न होने का उल्लेख करते हुए राहत दी थी।
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NIA ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दी चुनौती: एनआईए ने इस आदेश के खिलाफ तुरंत उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। एजेंसी का तर्क है कि वाजे ने ‘सुपर कॉप’ की छवि बनाने और सनसनी फैलाने के उद्देश्य से खुद यह साजिश रची थी और बाद में गवाह मनसुख हिरेन की हत्या कर दी।
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हाई कोर्ट ने बढ़ाई रोक: बॉम्बे हाई कोर्ट की जस्टिस जी. एस. कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने एनआईए की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए जमानत के आदेश पर रोक को जारी रखा है, जिससे वाजे को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
NIA के मुख्य आरोप और दलीलें:
| बिंदु | विवरण / एनआईए का दावा |
| मुख्य साजिशकर्त्ता | वाजे ने ही विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो कार रखी और बाद में जांच का प्रभार खुद लिया ताकि मामले को सुलझाकर हीरो बन सके। |
| हत्या का आरोप | राज खुलने के डर से कार के मालिक मनसुख हिरेन को कमजोर कड़ी मानते हुए उनकी हत्या कर दी गई। |
| गंभीर धाराएं | एजेंसी ने वाजे पर यूएपीए (UAPA) और आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत आतंकी साजिश का आरोप लगाया है। |
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




