नई दिल्ली, 14 अगस्त 2026। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति को लेकर एक कड़ा संदेश दिया है। ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित डिस्कवरी की आगामी डॉक्यूमेंट्री के सामने आए अंशों में डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तत्काल प्रतिक्रिया और आतंकियों के खिलाफ भारत की कार्रवाई के बारे में जानकारी साझा की।
डोभाल के मुताबिक, पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले यह जानना चाहा कि हमले के लिए कौन जिम्मेदार है और इसके पीछे कौन लोग हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय खुफिया एजेंसियों ने जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
“जहां भी होंगे, हम उनके पीछे जाएंगे”
डोभाल ने प्रधानमंत्री के संदेश को याद करते हुए कहा कि भारत आतंकवादियों का पीछा करेगा, चाहे वे जमीन पर हों, आसमान में हों या जहन्नुम में। उनके अनुसार, आतंकवाद के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब भारत ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति और जवाबी क्षमता को लेकर लगातार कड़ा संदेश देता रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमला
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने 6-7 मई 2025 की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाया।
डोभाल ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री द्वारा ऑपरेशन सिंदूर को “जिंदा” बताए जाने का आशय आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के जारी रहने से है—यानी जब तक आतंकवाद का खतरा समाप्त नहीं होता, भारत का अभियान जारी रहेगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर स्पष्ट संदेश
डोभाल का बयान भारत की उस रणनीति को रेखांकित करता है जिसमें आतंकवादी हमलों के बाद जिम्मेदार लोगों की पहचान, खुफिया जानकारी का इस्तेमाल और लक्षित जवाब को महत्वपूर्ण माना जाता है।
SSN विश्लेषण: डोभाल का बयान आतंकवाद के खिलाफ भारत के “दृढ़ और जवाबी” रुख का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, बयान का वास्तविक संदर्भ और विस्तृत बातचीत आगामी डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण के बाद और स्पष्ट हो सकेगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



