हरियाणा के पंचकूला में एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। सेक्टर-21 में रह रहे रिटायर्ड आर्मी कैप्टन मनमोहन लाल मेहता की 72 वर्षीय पत्नी नीरा मेहता की घरेलू सहायिका ने हत्या कर दी। आरोप है कि गायब गहनों को लेकर हुए विवाद के दौरान यह खूनी वारदात हुई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को पड़ोसी मकान की छत पर छिपाने की कोशिश की, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
घटना कैसे हुई?
सोमवार (4 अगस्त 2026) की सुबह नीरा मेहता को घर से कुछ सोने के गहने गायब होने का पता चला। उन्हें अपनी घरेलू सहायिका सुनीता देवी पर शक था। सुनीता पिछले 12-15 साल से उनके घर में काम कर रही थी और उनके दूसरे मकान की देखभाल भी करती थी।
नीरा मेहता सुनीता के घर (जो पास ही सेक्टर-21 में है) गईं और गहनों के बारे में पूछताछ की। इसी दौरान दोनों में तीखी बहस हो गई। पुलिस के अनुसार, सुनीता बार-बार चोरी के आरोपों से नाराज थी। बहस हिंसा में बदल गई और नीरा मेहता का गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटना और सांस रोकना बताया गया है।
शव छिपाने की कोशिश
हत्या के बाद सुनीता और उसके बेटे राजा ने शव को चादर में लपेटकर पड़ोसी मकान की छत पर ले गए और टाइलों तथा चटाई के नीचे छिपा दिया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे दोनों शव को घसीटते हुए छत पर ले जा रहे हैं।
जब शाम को रिटायर्ड कैप्टन मनमोहन लाल मेहता गोल्फ खेलकर घर लौटे तो पत्नी नहीं मिलीं। उन्होंने सेक्टर-21 पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस टीम सुनीता के घर पहुंची, जो बाहर से बंद था। पड़ोसी मकान की छत से टीम ने शव देखा।
आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुनीता देवी (50), उसके पति शंकर (55) और बेटे राजा को गिरफ्तार कर लिया। तीनों बिहार के रहने वाले बताए जाते हैं। पूछताछ में सुनीता ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि मालकिन द्वारा बार-बार चोर कहे जाने और गाली-गलौज से नाराज होकर उसने हत्या कर दी।
मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक साजिश के तहत दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेजा है।
पंचकूला डीसीपी अदिति सिंह ने बताया कि मामला 24 घंटे के अंदर सुलझा लिया गया। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे घरेलू सहायकों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




