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सरोजनीनगर के माती ग्राम पंचायत में क्षय रोग (टीबी) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, टीबी मुक्त ग्राम पंचायत का लिया गया संकल्प

लखनऊ। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की मंशा तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) लखनऊ डॉ. बी. एन. सिंह के निर्देशन एवं जिला क्षय रोग विभाग के मार्गदर्शन में सरोजनीनगर विकास खंड की माती ग्राम पंचायत में व्यापक क्षय रोग (टीबी) जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान शिव सागर यादव ने की।

इस अवसर पर सहायक विकास खंड अधिकारी (पंचायत) श्री कौशल कुमार, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि उदय प्रताप सिंह, स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) की सदस्य के सदस्यगण , सीएचओ आशुतोष कुमार, टीबी यूनिट के प्रभारी रत्नेश यादव सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, बचाव, समय पर जांच एवं पूर्ण उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी, वजन कम होना, बुखार और रात में पसीना आना टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए।

कार्यक्रम में पांच टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित की गई, जिससे उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक सहयोग मिल सके। इसके साथ ही उपस्थित सभी लोगों ने “टीबी मुक्त ग्राम पंचायत” बनाने की शपथ ली और समाज से इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

ग्राम प्रधान शिव सागर यादव ने कहा कि उनकी प्राथमिकता माती ग्राम पंचायत को एक स्वस्थ एवं जागरूक पंचायत के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारी ग्राम पंचायत पूरी तरह स्वस्थ हो। इसके लिए समय-समय पर स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य विभागों द्वारा जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और सभी विभाग सक्रिय रुचि लेकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।”

सहायक विकास खंड अधिकारी(पंचायत) श्री कौशल कुमार ने कहा कि पंचायत स्तर पर जनसहभागिता बढ़ाकर टीबी जैसी गंभीर बीमारी को समाप्त करने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी मरीज को बीमारी छिपाने के बजाय समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करें।

सीएचओ आशुतोष कुमार ने बताया कि टीबी का उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है और समय पर इलाज शुरू करने से मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें।

स्वर्ग संस्था द्वारा संचालित ‘स्टेप कार्यक्रम’ की संयोजक श्रीमती गायत्री तिवारी  ने कहा ग्रामीणों को टीबी नियंत्रण अभियान से जोड़ने और मरीजों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है.

टीबी यूनिट प्रभारी रत्नेश यादव ने कहा, “स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों को टीबी की निःशुल्क जांच, रोग की पहचान, मेडिकल किट, दवाइयां तथा उपचार के दौरान आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी मरीज जानकारी के अभाव में उपचार से वंचित न रहे और माती ग्राम पंचायत को शीघ्र ही टीबी मुक्त बनाया जा सके।”

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने टीबी के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने, मरीजों के साथ भेदभाव न करने तथा प्रत्येक परिवार तक स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया।

 

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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