नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं सुश्री मायावती का राजनीतिक जीवन जितना चर्चित रहा है, उतनी ही प्रेरणादायक उनकी शैक्षणिक यात्रा भी मानी जाती है। साधारण परिवार से निकलकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने और फिर राजनीति के सर्वोच्च पदों तक पहुंचने का उनका सफर देश की अनेक युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
प्रारंभिक शिक्षा
सुश्री मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 को दिल्ली में हुआ। उनके पिता प्रभु दास भारत सरकार के डाक एवं तार विभाग में कर्मचारी थे, जबकि माता रामरती गृहिणी थीं। परिवार ने शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी, जिसके कारण मायावती ने अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा दिल्ली के सरकारी विद्यालयों से पूरी की।
स्नातक
मायावती ने दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कालिंदी कॉलेज से कला संकाय (बी.ए.) की डिग्री प्राप्त की। छात्र जीवन में उनकी रुचि सामाजिक विषयों, राजनीति और प्रशासन से जुड़े मुद्दों में रही। इसी दौरान उन्होंने सिविल सेवा (IAS) की तैयारी करने का भी निर्णय लिया।
बी.एड.
स्नातक के बाद उन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय (वर्तमान चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ) से संबद्ध वी.एम.एल.जी. कॉलेज, गाजियाबाद से बैचलर ऑफ एजुकेशन (B.Ed.) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक दिल्ली के एक स्कूल में शिक्षिका (Teacher) के रूप में कार्य किया।
एलएलबी
शिक्षण कार्य के साथ-साथ मायावती ने कानून की पढ़ाई भी जारी रखी और दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी (बैचलर ऑफ लॉ) की डिग्री हासिल की। कानून की शिक्षा ने उन्हें संविधान, सामाजिक न्याय और विधिक व्यवस्था की गहरी समझ प्रदान की, जिसका प्रभाव बाद में उनके राजनीतिक जीवन में भी देखने को मिला।
सिविल सेवा की तैयारी
राजनीति में आने से पहले मायावती भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात कांशीराम से हुई। कांशीराम ने उनकी वक्तृत्व क्षमता, नेतृत्व कौशल और सामाजिक मुद्दों के प्रति उनकी समझ को देखते हुए उन्हें सक्रिय राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी छोड़कर बहुजन आंदोलन का हिस्सा बनने का निर्णय लिया।
शिक्षा का राजनीतिक जीवन में योगदान
मायावती की शिक्षा ने उनके प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक शैली को प्रभावित किया। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने शिक्षा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, छात्रवृत्ति योजनाओं, कन्या शिक्षा और विद्यालयी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से संबंधित कई योजनाओं पर कार्य किया। उनके कार्यकाल में दलित एवं पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक सहायता कार्यक्रमों का विस्तार भी किया गया।
प्रमुख शैक्षणिक योग्यताएं
- जन्म: 15 जनवरी 1956, नई दिल्ली
- स्नातक (बी.ए.): कालिंदी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय
- बी.एड.: वी.एम.एल.जी. कॉलेज, गाजियाबाद (तत्कालीन मेरठ विश्वविद्यालय, वर्तमान चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय)
- एलएलबी: कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय
- प्रारंभिक पेशा: दिल्ली में शिक्षिका
- राजनीति में प्रवेश: कांशीराम के मार्गदर्शन में बहुजन समाज पार्टी
शिक्षक के रूप में करियर शुरू करने वाली मायावती ने शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक सरोकारों को अपनी पहचान बनाया। बाद में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी का नेतृत्व संभाला और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री बनीं। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक यात्रा भारतीय लोकतंत्र में सामाजिक परिवर्तन और महिला नेतृत्व के महत्वपूर्ण उदाहरणों में गिनी जाती है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




