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राज्यसभा में बहुमत के करीब पहुंची भाजपा, पश्चिम बंगाल से बढ़त के बाद अब केवल 6 सीटों की दूरी

नई दिल्ली, 14 जुलाई। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्यसभा में अपने संख्याबल को और मजबूत करने की स्थिति में पहुंच गई है। पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही है। इसके बाद पार्टी की राज्यसभा में संख्या 117 तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे वह अपने दम पर बहुमत के आंकड़े से केवल 6 सीटें दूर रह जाएगी।

पश्चिम बंगाल में हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भाजपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा ने तीनों को 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। राज्य की विधानसभा में भाजपा के मजबूत बहुमत को देखते हुए इन तीनों उम्मीदवारों की जीत की संभावना प्रबल मानी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन तीन सीटों के जुड़ने से भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को राज्यसभा में महत्वपूर्ण बढ़त मिलेगी। इससे सरकार को सामान्य विधेयकों को पारित कराने में अपेक्षाकृत अधिक सुविधा मिल सकती है। हालांकि, संविधान संशोधन जैसे विधेयकों के लिए अभी भी दोनों सदनों में आवश्यक विशेष बहुमत और व्यापक राजनीतिक समर्थन की जरूरत होगी।

गौरतलब है कि ये तीनों सीटें पूर्व टीएमसी सांसदों के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थीं। निर्वाचन आयोग ने इन सीटों पर 24 जुलाई 2026 को मतदान कराने की घोषणा की है। यदि चुनाव निर्विरोध या अपेक्षित परिणामों के अनुरूप संपन्न होते हैं, तो भाजपा राज्यसभा में अब तक की अपनी सबसे मजबूत स्थिति में पहुंच जाएगी।

आगामी मानसून सत्र में केंद्र सरकार की प्राथमिकता कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद में पेश करने की है। ऐसे में राज्यसभा में बढ़ता संख्याबल सरकार की संसदीय रणनीति को मजबूती प्रदान कर सकता है। राजनीतिक दलों और संसदीय विशेषज्ञों की नजर अब पश्चिम बंगाल के इन उपचुनावों के परिणामों और उनके राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ने वाले प्रभाव पर टिकी हुई है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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