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उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री फार्मिंग: बढ़ता बिजनेस, नई तकनीक और सरकारी सहयोग

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पोल्ट्री उद्योग के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। ब्रॉयलर चिकन, लेयर मुर्गी और अंडा उत्पादन के क्षेत्र में यूपी में तेजी से विस्तार हो रहा है। हैदरगढ़, बाराबंकी के मयंक एग्रो जैसे अग्रणी ब्रांड्स की बदौलत छोटे-बड़े किसान और उद्यमी इस क्षेत्र में अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।

बिजनेस अपडेट

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री उद्योग का वार्षिक कारोबार हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। बढ़ती मांग के कारण पिछले 2-3 वर्षों में नए फार्म्स की संख्या में 25-30% की वृद्धि हुई है। ब्रॉयलर चिकन की खपत शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ रही है। निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।

टेक्नोलॉजी अपग्रेड

आधुनिक तकनीक ने पोल्ट्री फार्मिंग को नई ऊंचाई दी है:

  • ऑटोमेटिक फीडिंग और वॉटरिंग सिस्टम
  • क्लाइमेट कंट्रोल शेड्स (तापमान और नमी नियंत्रण)
  • बायो-सिक्योरिटी सिस्टम और सीसीटीवी मॉनिटरिंग
  • डिजिटल हेल्थ मॉनिटरिंग ऐप्स से मुर्गियों की बीमारी का पहले पता चलना
  • सोलर पैनल आधारित बिजली व्यवस्था से लागत में बचत

मयंक एग्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर मयंक वर्मा ने बताया: “हमने अपने हैदरगढ़ फार्म में पूरी तरह ऑटोमेटेड सिस्टम लगा रखा है। इससे मैनपॉवर कम लगता है और उत्पादन क्षमता 40% तक बढ़ गई है। स्वच्छता और बायोसिक्योरिटी पर विशेष ध्यान देने से मृत्युदर बहुत कम हो गई है।”

चुनौतियां (Hurdles)

  • चारे की बढ़ती कीमतें (मक्का और सोयाबीन)
  • बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा
  • बिजली की अनियमित आपूर्ति
  • बाजार में मूल्य में उतार-चढ़ाव
  • छोटे किसानों को फाइनेंस और ट्रेनिंग की कमी

सरकारी पहल

उत्तर प्रदेश सरकार पोल्ट्री सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है:

  • उत्तर प्रदेश पोल्ट्री विकास नीति
  • सब्सिडी पर शेड निर्माण और उपकरण
  • पशुपालन ऋण योजना के तहत आसान लोन
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम और वेटरनरी सुविधाएं
  • फीड सब्सिडी और बीमा कवर

उत्तर प्रदेश के पशुपालन मंत्री ने संदेश दिया: “पोल्ट्री फार्मिंग युवाओं और किसानों के लिए रोजगार का बेहतरीन साधन है। हमारी सरकार इस क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। सब्सिडी, ट्रेनिंग और मार्केटिंग सपोर्ट से हम यूपी को पोल्ट्री हब बनाने जा रहे हैं।”

प्रमुख पोल्ट्री ब्रांड मालिकों के विचार

1. श्री राहुल सिंह (प्रमुख ब्रांड – UP Poultry Hub, लखनऊ): “पोल्ट्री अब सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल इंडस्ट्री बन चुकी है। टेक्नोलॉजी अपग्रेड और सरकारी सहयोग से नए उद्यमी आसानी से शुरू कर सकते हैं। मेरा सुझाव है कि शुरुआत छोटे स्तर से करें और बायोसिक्योरिटी पर कभी समझौता न करें।”

2. श्रीमती रेखा गुप्ता (प्रमुख ब्रांड – Fresh Eggs & Broilers, कानपुर): “महिलाओं के लिए भी यह क्षेत्र बहुत अच्छा है। हमने लेयर फार्मिंग में अच्छा मुनाफा कमाया है। चुनौती चारे की कीमत की है, लेकिन सरकारी सब्सिडी और सामूहिक खरीदारी से इसे संभाला जा सकता है। गुणवत्ता बनाए रखें तो बाजार हमेशा तैयार रहता है।”

मयंक एग्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर मयंक वर्मा का संदेश: “हैदरगढ़, बाराबंकी से हम पूरे उत्तर प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण चिकन और अंडा सप्लाई कर रहे हैं। नए फार्म शुरू करने वालों को सलाह है कि आधुनिक तकनीक अपनाएं, नियमित वेटरनरी चेकअप करवाएं और ब्रांडिंग पर फोकस करें। सरकार की योजनाओं का पूरा फायदा उठाएं। पोल्ट्री फार्मिंग से न सिर्फ मुनाफा होता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है।”

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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