ईरान पर अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों के बीच NATO सहयोगी स्पेन के साथ अमेरिका के रिश्तों में भारी दरार आ गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध (ट्रेड एम्बार्गो) लगाने की धमकी दे दी और कहा कि “अमेरिका स्पेन से कोई लेना-देना नहीं रखना चाहता”।
ट्रंप ने ओवल ऑफिस में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ बैठक के दौरान कहा, “स्पेन बहुत खराब रहा है। हम स्पेन के साथ सारा व्यापार काट देंगे। हम स्पेन से कुछ भी नहीं चाहते। अगर हमें उनका एयरबेस या एयरस्ट्रिप इस्तेमाल करना पड़े तो हम इस्तेमाल करेंगे। कोई हमें रोक नहीं सकता। हम बस उड़कर जा सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं।”
क्या है पूरा विवाद?
- स्पेन की समाजवादी सरकार (प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज) ने साफ इनकार कर दिया कि अमेरिका रोटा नेवल बेस और मोरॉन एयर बेस का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए नहीं कर सकता।
- स्पेन ने कहा — ये बेस सिर्फ संयुक्त राष्ट्र चार्टर और द्विपक्षीय समझौतों के तहत इस्तेमाल हो सकते हैं। ईरान पर “आक्रामक हमला” इनमें शामिल नहीं है।
- अमेरिका ने तुरंत 15 विमान (रिफ्यूलिंग टैंकर समेत) रोटा और मोरॉन से जर्मनी के रामस्टीन एयरबेस पर शिफ्ट कर दिए।
ट्रंप ने स्पेन को NATO में सबसे खराब सदस्य बताया और कहा कि स्पेन 5% GDP डिफेंस खर्च करने की उनकी मांग भी नहीं मान रहा। उन्होंने ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट को आदेश दिया — “स्पेन के साथ सारे डीलिंग्स काट दो”।
स्पेन का जवाब
स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करेंगे। अमेरिका के साथ हमारे द्विपक्षीय समझौते हैं, लेकिन ईरान पर हमले इसमें शामिल नहीं हैं।”
स्पेन की सरकार ने साफ किया कि बेस स्पेनिश संप्रभुता के अधीन हैं और अमेरिका उन्हें मनमाने ढंग से नहीं इस्तेमाल कर सकता।
वैश्विक प्रतिक्रिया
- यूरोपीय संघ ने कहा कि ट्रंप का ट्रेड एम्बार्गो असंभव है क्योंकि स्पेन EU सदस्य है।
- NATO में हड़कंप मचा हुआ है। कई देश चुपचाप अमेरिका का साथ दे रहे हैं, लेकिन स्पेन और ब्रिटेन (जो पहले ही अड्डे देने से इनकार कर चुका है) अब अलग-थलग पड़ गए हैं।
भारतीय नजरिए से: मध्य पूर्व में फंसे लाखों भारतीयों की सुरक्षा और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति इस युद्ध पर निर्भर है। अगर अमेरिका-स्पेन तनाव बढ़ा तो यूरोप से आने वाली सप्लाई चेन भी प्रभावित हो सकती है। विदेश मंत्रालय स्थिति पर नजर रखे हुए है।
ट्रंप का यह बयान उनके “अमेरिका फर्स्ट” रुख को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा — “हमारी सेना जहां चाहेगी, वहां जाएगी। कोई हमें नहीं रोकेगा।”
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




