जयपुर, 7 मई 2026: राजस्थान में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) घोटाले की जांच तेज हो गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आज तड़के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. महेश जोशी को उनके जयपुर स्थित सैन कॉलोनी आवास से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी करीब 900-960 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ी है।
ACB की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सुबह करीब 5 बजे महेश जोशी के घर पर छापा मारा और उन्हें हिरासत में ले लिया। कार्रवाई ACB DIG डॉ. रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में हुई।
मामला क्या है?
महेश जोशी पूर्व कांग्रेस सरकार में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल में जल जीवन मिशन के तहत दिए गए ठेकों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। फर्जी पूर्णता प्रमाण-पत्र (Completion Certificates) जारी कर ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और रिश्वत ली गई।
इस घोटाले में टेंडर आवंटन में भ्रष्टाचार, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल और सरकारी धन का दुरुपयोग शामिल बताया जा रहा है।
पिछली गिरफ्तारी
- 24 अप्रैल 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महेश जोशी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।
- वे करीब 7 महीने जेल में रहे।
- दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी।
आज ACB द्वारा दूसरी बार गिरफ्तारी हुई है। ACB पहले से ही इस मामले की जांच कर रही थी।
कांग्रेस का बचाव, BJP का हमला
कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया है। पार्टी का कहना है कि BJP सरकार पुरानी घटनाओं को उछालकर विपक्ष को निशाना बना रही है।
दूसरी ओर, BJP ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बताया है और कहा कि अशोक गहलोत सरकार में हुए घोटालों की अब पूरी जांच होगी।
महेश जोशी अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं। उनकी गिरफ्तारी राजस्थान कांग्रेस में नई बहस छेड़ गई है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



