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भारतीय विदेश सचिव की ब्रिफिंग: श्रीलंका, बांग्लादेश और मालदीव ने ऊर्जा मदद के लिए भारत से गुहार लगाई – होर्मुज संकट ने पूरे हिंद महासागर को हिला दिया

नई दिल्ली, 12 मार्च 2026: भारतीय विदेश सचिव ने आज विशेष मीडिया ब्रिफिंग में बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि श्रीलंका, बांग्लादेश और मालदीव की सरकारों ने भारत से तत्काल ऊर्जा सहायता की आधिकारिक अपील की है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रखने और ओमान के सलालाह बंदरगाह पर मिसाइल हमले के बाद इन तीनों देशों में तेल, डीजल और एलपीजी का संकट गहरा गया है।

विदेश सचिव ने कहा, “हमारे मित्र देश श्रीलंका, बांग्लादेश और मालदीव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से ऊर्जा सुरक्षा के लिए मदद मांगी है। भारत क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग का केंद्र है और हम अपने पड़ोसियों के साथ खड़े हैं।”

तीनों देशों की अपील के मुख्य कारण

  • श्रीलंका: बिजली संकट चरम पर। कोलंबो में कई क्षेत्रों में 10-12 घंटे बिजली कटौती हो रही है। सरकार ने भारत से 2 लाख टन डीजल और एलएनजी की आपूर्ति की मांग की है।
  • बांग्लादेश: ढाका में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, फैक्टरियां बंदी के कगार पर। बांग्लादेश ने भारत से 1.5 लाख टन कच्चा तेल और एलपीजी शिपमेंट की तुरंत मांग की।
  • मालदीव: पर्यटन पर भारी असर। मालदीव ने भारत से डीजल और एलपीजी की आपूर्ति के साथ-साथ फ्लोटिंग टर्मिनल की मदद मांगी है।

भारत का जवाब और प्लान

विदेश सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर विदेश मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीनों देशों को तत्काल मदद का प्लान तैयार कर लिया है।

  • भारत 48 घंटे में श्रीलंका और बांग्लादेश को पहली खेप भेजने जा रहा है।
  • मालदीव के लिए विशेष नौसेना जहाज तैयार किए जा रहे हैं।
  • भारत अपने स्टॉक से 5 लाख टन अतिरिक्त एलपीजी और डीजल इन देशों को उपलब्ध कराएगा।

विदेश सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत खुद होर्मुज संकट से प्रभावित है, लेकिन “हम अपने पड़ोसियों को अकेला नहीं छोड़ेंगे।”

क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा का नया अध्याय

यह अपील ऐसे समय में आई है जब भारत पहले ही उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों में LPG संकट से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह मदद न सिर्फ पड़ोसी देशों को राहत देगी, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की नेतृत्व भूमिका को और मजबूत करेगी।

विदेश सचिव ने आखिर में कहा, “भारत शांति और स्थिरता का पक्षधर है। हम सभी देशों से अपील करते हैं कि मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो और होर्मुज जलडमरूमध्य जल्द से जल्द खुल जाए।”

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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