तेहरान, 12 मार्च 2026: ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पद संभालने के बाद पहला सार्वजनिक संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने साफ कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद ही रहेगा और इसे दुश्मनों पर दबाव बनाने का हथियार बनाए रखा जाएगा। यह बयान ईरान के सरकारी टेलीविजन पर एक महिला एंकर द्वारा पढ़ा गया। खामेनेई अभी तक जनता के सामने नहीं आए हैं।
पिता अयातुल्ला अली खामेनेई और परिवार के कई सदस्यों की हत्या के बाद मोजतबा खामेनेई को 9 मार्च को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया था। अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच यह बयान आया है, जिसमें मोजतबा ने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की शक्ति का इस्तेमाल जारी रखना होगा। यह दुश्मनों पर दबाव का प्रभावी साधन है।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तुरंत बंद करना होगा, वरना उन पर हमले जारी रहेंगे।
बदला लेने और हमलों का ऐलान
नए सुप्रीम लीडर ने शहीदों का बदला लेने की कसम खाई। उन्होंने कहा, “हम दुश्मनों से मुआवजा वसूल करेंगे। अगर वे मना करेंगे तो उनके संपत्ति से बराबर की क्षति पहुंचाएंगे। जरूरत पड़ी तो अन्य मोर्चे भी खोल दिए जाएंगे जहां दुश्मन कमजोर होंगे।” खामेनेई ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर हमलों को भी जारी रखने का संकेत दिया, लेकिन जोर दिया कि ईरान अपने पड़ोसियों से दोस्ती चाहता है – बस अमेरिकी ठिकानों के कारण वे निशाने पर हैं।
वैश्विक प्रभाव: तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के 20 प्रतिशत से ज्यादा तेल का रास्ता है। इसकी बंदी से वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है। तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और शिपिंग कंपनियां परेशान हैं। कई टैंकरों पर हमले हो चुके हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “अल्पकालिक” बताया है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह युद्ध लंबा खिंचा तो ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
ईरान का यह रुख अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के जवाब में आया है। मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रीय एकता की अपील भी की और कहा कि ईरान न्याय और शांति की राह पर चलेगा, लेकिन अपने दुश्मनों के खिलाफ पीछे नहीं हटेगा।
भारत पर क्या असर?
भारत, जो होर्मुज से गुजरने वाले तेल का बड़ा आयातक है, इस स्थिति पर नजर रखे हुए है। पहले से ही LPG संकट के बीच तेल रणनीति बदलने की खबरें आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बंदी लंबी चली तो भारत में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं।
यह बयान मिडिल ईस्ट युद्ध को नए मोड़ पर ले गया है। दुनिया अब देख रही है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच यह टकराव कितना आगे बढ़ता है। फिलहाल ईरान का संदेश साफ है – स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद ही रहेगा।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




