काठमांडू, 10 मार्च 2026: नेपाल की राजनीति में एक नया सूरज उगा है। 35 वर्षीय बालेंद्र शाह, जिन्हें दुनिया ‘बालेन शाह’ के नाम से जानती है, ने हाल ही में हुए आम चुनावों में धमाकेदार जीत हासिल कर नेपाल के प्रधानमंत्री पद की कमान संभाल ली है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेतृत्व में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को करारी शिकस्त दी और संसद में 165 में से 125 सीटें जीतकर एक ऐतिहासिक लैंडस्लाइड जीत दर्ज की। यह जीत न केवल नेपाल के युवाओं की आकांक्षाओं का प्रतीक है, बल्कि 2025 की युवा-नेतृत्व वाली क्रांति के बाद राजनीतिक परिवर्तन की नई लहर का भी संकेत देती है। बालेन शाह का सफर – एक हिप-हॉप रैपर से काठमांडू के मेयर और अब देश के सर्वोच्च पद तक – प्रेरणा का एक जीवंत उदाहरण है। इस लेख में हम उनके जीवन, संघर्षों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से नजर डालेंगे।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: मधेशी जड़ों से काठमांडू की सड़कों तक
बालेंद्र शाह का जन्म 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू के नरदेवी में एक तेली परिवार में हुआ। वे आयुर्वेदिक चिकित्सक राम नारायण शाह और ध्रुवादेवी शाह के सबसे छोटे बेटे हैं। उनके माता-पिता मूल रूप से मधेश प्रांत के महोत्तरी जिले से थे, जो मधेशी समुदाय की जड़ों को दर्शाता है। बालक बालेन की परवरिश काठमांडू की तंग गलियों में हुई, जहां उन्होंने शहरी युवाओं की कठिनाइयों को करीब से देखा।
शिक्षा के मामले में बालेन ने कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने एसएलसी (कक्षा 10) एलायंस अकादमी से पूरा किया, फिर वी.एस. निकेतन हायर सेकेंडरी स्कूल से 10+2 की पढ़ाई की। इंजीनियरिंग में रुचि रखने वाले बालेन ने हिमालयन व्हाइटहाउस इंटरनेशनल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री हासिल की। इसके बाद वे भारत चले गए, जहां बैंगलोर के निट्टे मीनाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में एमटेक किया। यहां उनके विचारों पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर के दर्शन और नव-बौद्ध धर्म का गहरा प्रभाव पड़ा। वर्तमान में वे काठमांडू विश्वविद्यालय में न्यूार धरोहर संरचनाओं के संरक्षण पर पीएचडी फेलोशिप कर रहे हैं, जो पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
व्यक्तिगत जीवन में बालेन 2018 से सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ सबीना काफ्ले से शादीशुदा हैं। उनका एक बेटी है और वे न्यूार बौद्ध धर्म का पालन करते हैं। वे टिंकुने के गैरिगौन में रहते हैं। बालेन की जिंदगी सादगी और संघर्ष से भरी रही, जो बाद में उनकी राजनीतिक विचारधारा का आधार बनी।
संगीत की दुनिया में धमाल: सामाजिक मुद्दों पर रैप
बालेन शाह का असली परिचय नेपाल के हिप-हॉप संगीत जगत से हुआ। 2012 में उन्होंने अपना पहला सिंगल “सड़क बालक” रिलीज किया, जो नौवीं कक्षा में लिखा गया था। यह गाना शहरी युवाओं की कठिनाइयों – गरीबी, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता – पर आधारित था। 2013 में यूट्यूब सीरीज “रॉ बार्ज” के जरिए वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुए। उनके गाने सामाजिक चेतना से भरपूर थे, जैसे “बलिदान” जो भ्रष्टाचार और असमानता पर कटाक्ष करता था।
युवाओं में उनकी लोकप्रियता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर चरम पर पहुंची। 2025 में उन्होंने फिल्म लाज शरणम के लिए “नेपाल हसेको…” लिखा, संगीत दिया और गाया, जो रिलीज के बाद यूट्यूब पर ट्रेंडिंग बना। बालेन का संगीत न केवल मनोरंजन था, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का हथियार भी। उन्होंने कहा था, “संगीत मेरी आवाज है, जो सड़कों से संसद तक पहुंचेगी।” यह उनकी राजनीतिक यात्रा का प्रारंभिक चरण था।
राजनीति में प्रवेश: काठमांडू के मेयर के रूप में क्रांति
बालक बालेन की राजनीतिक महत्वाकांक्षा किशोरावस्था से ही थी, लेकिन 2022 में उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में काठमांडू महानगरपालिका चुनाव लड़ा। उनका नारा था – भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और जवाबदेह शासन। नेपाली कांग्रेस की सृजना सिंह और सीपीएन (यूएमएल) के केशव स्थापित को हराकर वे 38.6% वोटों (61,767 वोट) से जीते। 30 मई 2022 को वे काठमांडू के पहले स्वतंत्र मेयर बने।
मेयर के रूप में बालेन ने कई क्रांतिकारी कदम उठाए:
- कचरा प्रबंधन: 7 जून 2022 से कचरा निपटान समझौते शुरू किए, अगस्त तक निजी कंपनी को सौंपा।
- शहरी बुनियादी ढांचा: दृष्टिबाधितों के लिए टैक्टाइल पैवमेंट, फलचा-शैली बस स्टॉप, न्यू रोड पर पार्किंग पुनर्गठन, नई बस रूट्स, अपग्रेडेड स्टॉप और स्मार्ट टिकटिंग।
- पारदर्शिता: काउंसिल मीटिंग्स का लाइव टेलीकास्ट, ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट और डिजिटल सिग्नेचर।
- जवाबदेही: अवैध संरचनाओं का ध्वंस, जैसे अल्फा बीटा कॉम्प्लेक्स।
- शिक्षा: सामुदायिक स्कूलों में “टेक्स्टबुक-फ्री फ्राइडे”, निजी स्कूलों में 10% स्कॉलरशिप अनिवार्य।
- स्वास्थ्य: कान्ति चिल्ड्रन हॉस्पिटल के लिए 90 मिलियन रुपये ऑपरेटिंग थिएटर, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में आउटपेशेंट सर्विसेज, और मनमोहन ट्रांसप्लांट सेंटर में कोरोनरी केयर।
- सांस्कृतिक धरोहर: लिविंग कुमारी, भैरव और गणेश परंपराओं का समर्थन, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी के साथ नगर आधुनिकीकरण और हिटि संरक्षण समझौते।
उनका कार्यकाल बिबेक्षील आंदोलन से प्रेरित था, जो उज्ज्वल थापा की वैकल्पिक राजनीति को आगे बढ़ाता था। दिसंबर 2025 तक पूर्व सदस्य उनके अभियान में शामिल हो गए।
हालांकि, विवादों से भी बालेन अछूते न रहे:
- 2022 में बुलडोजर से ध्वंस अभियान, जो शुरुआत में सराहा गया लेकिन बाद में कठोरता के लिए आलोचना का शिकार।
- नवंबर 2022 में बागमती नदी के किनारे अतिक्रमण हटाने का प्रयास, जिसमें 21 से अधिक घायल हुए।
- ह्यूमन राइट्स वॉच की ओर से सड़क विक्रेताओं पर अनुपातहीन बल प्रयोग का आरोप।
- सितंबर 2023 में फेसबुक पर सिंगा दरबार जलाने की धमकी (बाद में स्पष्ट किया कि उनकी पत्नी प्रसव के कारण जांच में थीं)।
- 2023 में ‘ग्रेटर नेपाल’ मानचित्र प्रदर्शन, जिस पर भारत ने आपत्ति जताई।
- जून 2023 में भारतीय फिल्म अधीपुरुष पर प्रतिबंध, जो कोर्ट आदेश पर हटाया गया।
- नवंबर 2025 में सहयोगी देशों और दलों पर अपशब्दपूर्ण पोस्ट।
- 2025 की जेन-जेड विरोध प्रदर्शनों में हिंसा भड़काने का आरोप, जिसे उन्होंने खारिज किया।
इन विवादों के बावजूद, बालेन एक पॉपुलिस्ट नेता के रूप में उभरे, जो युवाओं और मधेशी समुदायों का चेहरा बने।
राष्ट्रीय राजनीति में उभार: 2026 चुनाव और प्रधानमंत्री पद
2025 की नेपाली क्रांति के दौरान बालेन ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के साथ एकीकरण किया। आरएसपी के संस्थापक रवि लामिछाने की कानूनी परेशानियों के बीच, 28 दिसंबर 2025 को वे मेयर पद से इस्तीफा देकर 2026 आम चुनाव लड़ने उतरे। प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में उन्होंने युवाओं, महिलाओं, मधेशी समुदायों और प्रवासी नेपालीजनों को एकजुट किया।
उनकी रैलियां भ्रष्टाचार-विरोध, जेन-जेड आकांक्षाओं और सुधारों पर केंद्रित रहीं। 19 जनवरी 2026 को जनकपुर से डेब्यू करते हुए, मधेश मूल के रूप में उन्होंने भावनात्मक अपील की। झापा-5 सीट पर के.पी. शर्मा ओली के खिलाफ 68,348 वोट (66.79%) से जीत हासिल की, जो ओली के 18,734 वोटों (18.31%) से 49,614 वोटों का रिकॉर्ड अंतर था। आरएसपी ने 90 से अधिक क्षेत्रीय सीटें जीतीं, संसद में बहुमत हासिल किया। 5 मार्च 2026 को ओली की जगह बालेन प्रधानमंत्री बने।
यह चुनाव सितंबर 2025 की युवा-नेतृत्व वाली हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद पहला था, जिसने पुरानी सरकार को उखाड़ फेंका। बालेन की जीत ने पारंपरिक दलों को चुनौती दी। टाइम मैगजीन ने 2023 में उन्हें उभरते 100 नेताओं में शामिल किया।
प्रधानमंत्री के रूप में दृष्टिकोण: सुधारों की नई सुबह
प्रधानमंत्री के रूप में बालेन का फोकस भ्रष्टाचार उन्मूलन, आर्थिक सुधार, पर्यटन और धरोहर संरक्षण पर है। उन्होंने कहा, “नेपाल अब युवाओं का है। हम पारदर्शिता लाएंगे, न कि पुरानी राजनीति।” उनकी सरकार युवा-केंद्रित नीतियों पर काम कर रही है, जैसे डिजिटल गवर्नेंस, रोजगार सृजन और मधेशी समावेश। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वे भारत और चीन के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की बात कर रहे हैं।
बालेन की लोकप्रियता सोशल मीडिया पर बरकरार है, जहां वे लाखों फॉलोअर्स के साथ जुड़े रहते हैं। हालांकि, आलोचक उनकी कठोर शैली पर सवाल उठाते हैं, लेकिन समर्थक उन्हें “नेपाल का चेहरा” मानते हैं।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




