नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका नौवां लगातार बजट है, जो आर्थिक विकास, राजकोषीय अनुशासन और बुनियादी ढांचे पर जोर देता है। बजट में युवा शक्ति, एमएसएमई समर्थन और एआई जैसी उभरती तकनीकों पर फोकस है। कुल व्यय 53.47 लाख करोड़ रुपये प्रस्तावित है, जिसमें राजस्व व्यय 41.25 लाख करोड़ रुपये शामिल है। जीडीपी विकास दर 7-7.5% अनुमानित है।
राजकोषीय लक्ष्य और आर्थिक अनुमान
- राजकोषीय घाटा: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी का 4.3% लक्षित है।
- जीडीपी विकास: 7.4% की मजबूत वृद्धि की उम्मीद, घरेलू खपत और निवेश से प्रेरित।
- कुल व्यय: 53.47 लाख करोड़ रुपये, जिसमें पूंजीगत व्यय में वृद्धि शामिल है।
पूंजीगत व्यय और बुनियादी ढांचा
सरकार ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना की जाएगी, जो क्रेडिट गारंटी प्रदान करेगा। 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे।
सेक्टर-वार आवंटन
- एमएसएमई और विनिर्माण: एमएसएमई के लिए मजबूत समर्थन, जिसमें निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उपाय शामिल हैं। चमड़े के उत्पादों, कैंसर दवाओं और समुद्री भोजन की कीमतों में कमी के उपाय।
- कृषि और ग्रामीण विकास: कृषि क्षेत्र पर फोकस, लेकिन शहरी विकास कार्यक्रमों में कटौती।
- स्वास्थ्य और शिक्षा: 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप।
- पर्यटन और संस्कृति: 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित किया जाएगा। भारत पहली बार ग्लोबल बिग कैट समिट की मेजबानी करेगा।
- प्रौद्योगिकी और एआई: बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आर्थिक विकास की केंद्र में रखा गया है।
कर परिवर्तन और राहत
आयकर नीति में बदलाव, जिसमें एसटीटी पर बड़े ऐलान शामिल हैं। विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण उपकरण) नियमों की व्यापक समीक्षा। कस्टम्स राहतें विनिर्माण को बढ़ावा देंगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




