नई दिल्ली, 28 दिसंबर 2025: भारत की युवा पीढ़ी को नवाचार और समस्या समाधान की दिशा में प्रोत्साहित करने वाली स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2025 का समापन इस महीने ही हो गया। इस आयोजन में देशभर के लाखों छात्रों ने सरकारी विभागों की वास्तविक चुनौतियों का सामना किया और अभूतपूर्व समाधान प्रस्तुत किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपनी अंतिम ‘मन की बात’ में इस हैकाथॉन की खूब सराहना की और युवाओं से ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। पीएम का यह संदेश न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि युवाओं के बीच उत्साह का संचार करने वाला साबित हुआ।
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन: नवाचार का मंच
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जो छात्रों को दैनिक जीवन की जटिल समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करती है। इसका उद्देश्य शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुप्रयोग से जोड़ना, रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना और उद्योग-सरकार के साथ सहयोग स्थापित करना है। यह आयोजन सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों श्रेणियों में आयोजित होता है, जिसमें केंद्रीय एवं राज्य मंत्रालय, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां, उद्योग और एनजीओ समस्या विवरण (प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स) प्रस्तुत करते हैं।
2025 संस्करण में 80 से अधिक सरकारी विभागों ने 270 से ज्यादा समस्या विवरण जारी किए, जिनमें स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल गिरफ्तारी से निपटना, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग के लिए साइबरसुरक्षा फ्रेमवर्क, कृषि क्षेत्र की चुनौतियां आदि शामिल थीं। पिछले 7-8 वर्षों में कुल 13 लाख से अधिक छात्रों और 6,000 से ज्यादा संस्थानों ने भाग लिया है, जिससे सैकड़ों समस्याओं के समाधान निकले हैं। इस बार के आयोजन में भी छात्रों ने स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, कृषि-फूडटेक, स्मार्ट वाहन, ब्लॉकचेन एवं साइबरसुरक्षा जैसे विविध क्षेत्रों में नवाचारी विचार प्रस्तुत किए।
हैकाथॉन का प्रारूप भी रोचक है: कॉलेजों में आंतरिक प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं, जहां से शीर्ष 30 टीमें चयनित होती हैं। उसके बाद विचार जमा किए जाते हैं और मूल्यांकन के आधार पर विजेता घोषित होते हैं। एसआईएच न केवल छात्रों को अवसर प्रदान करता है, बल्कि 133 स्टार्टअप्स को जन्म दे चुका है और 12,800 से अधिक पूर्व छात्रों का नेटवर्क तैयार कर चुका है।
पीएम मोदी का संबोधन: ‘विचारों को कार्रवाई में बदलने का माध्यम’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 दिसंबर को प्रसारित ‘मन की बात’ के 129वें संस्करण में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 को विशेष रूप से उल्लेख किया। यह 2025 की अंतिम ‘मन की बात’ थी, जिसमें पीएम ने युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचार और सांस्कृतिक संरक्षण में उनकी भूमिका के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, “स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसे आयोजन विचारों को कार्रवाई में बदलने का एक शानदार माध्यम हैं। इस हैकाथॉन में छात्रों ने 80 से अधिक सरकारी विभागों की 270 से ज्यादा समस्याओं पर काम किया। ट्रैफिक की चुनौतियों से लेकर वित्तीय धोखाधड़ी तक, ग्रामीण डिजिटल बैंकिंग की सुरक्षा से लेकर कृषि क्षेत्र के नवाचारों तक—युवाओं के समाधान प्रभावशाली रहे।”
पीएम ने युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत के युवाओं से अपेक्षाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ जैसे कार्यक्रमों का जिक्र किया और युवाओं से आह्वान किया कि वे इन हैकाथॉनों में सक्रिय भागीदारी करें। “ये आयोजन समय-समय पर आयोजित होते हैं, और युवा इनका लाभ उठाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें,” उन्होंने जोर देकर कहा।
इससे पहले, दिसंबर की शुरुआत में क्वीस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित फाइनलिस्ट्स के समारोह में भी पीएम मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया था। उन्होंने छात्रों को प्रौद्योगिकी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया और कहा कि भारत की नवाचार यात्रा में युवा ही मुख्य चालक हैं।
महत्व और भविष्य की दिशा
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन न केवल छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है, बल्कि भारत को वैश्विक नवाचार हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पीएम मोदी के संदेश ने युवाओं में जोश भर दिया है, जो ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से निकले समाधान सरकारी नीतियों को मजबूत करेंगे और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देंगे।
जैसे-जैसे 2026 की ओर बढ़ते हैं, एसआईएच जैसी पहलों से भारत की युवा ऊर्जा नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है। पीएम का संदेश साफ है—विचारों को उड़ान दें, राष्ट्र को मजबूत बनाएं।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




