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आईआरसीटीसी घोटाला: राबड़ी देवी ने अदालत में दायर की याचिका, जज पर पक्षपात का आरोप लगाकर केस ट्रांसफर की मांग

नई दिल्ली, 25 नवंबर 2025 (विशेष संवाददाता)

पूर्व बिहार मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में एक याचिका दायर कर चार मामलों को ट्रांसफर करने की मांग की है, जिनमें आईआरसीटीसी घोटाला और भूमि-के-नौकरी घोटाला शामिल हैं। उन्होंने विशेष जज विशाल गोग्ने पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें निष्पक्ष न्याय नहीं मिलेगा। यह याचिका प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई द्वारा दायर मामलों से जुड़ी है, जो राबड़ी देवी और उनके परिवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित हैं।

याचिका में कहा गया है कि विशेष जज गोग्ने ने पहले ही राबड़ी देवी, उनके पति लालू प्रसाद यादव और अन्य परिवार सदस्यों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। राबड़ी देवी का दावा है कि जज का यह फैसला चुनावी माहौल से प्रभावित है और यह न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है। याचिका प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के समक्ष दायर की गई है, जिसमें सभी चार मामलों को किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित करने की गुहार लगाई गई है।

घोटाले की पृष्ठभूमि: रांची और पुरी होटलों के टेंडर में कथित भ्रष्टाचार

आईआरसीटीसी घोटाला 1990 के दशक का मामला है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। इसमें रांची और पुरी में आईआरसीटीसी होटलों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप है। सीबीआई और ईडी के अनुसार, लालू परिवार ने इन प्रोजेक्ट्स के बदले जमीन हासिल की थी। राबड़ी देवी पर आरोप है कि उन्होंने इन सौदों में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। भूमि-के-नौकरी मामले में भी रेल मंत्रालय में नौकरियां देने के बदले जमीन लेने का इल्जाम है।

राबड़ी देवी के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि जज गोग्ने का हालिया फैसला, जो बिहार चुनावों से ठीक पहले आया, राजनीतिक रूप से प्रेरित लगता है। उन्होंने कहा, “यह न्याय का दिखावा मात्र है। जज की टिप्पणियां पूर्वाग्रहपूर्ण हैं, जो निष्पक्ष सुनवाई को प्रभावित करेंगी।” ईडी ने इस याचिका पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन स्रोतों के अनुसार, जांच एजेंसियां इसका विरोध कर सकती हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: आरजेडी का हमला, भाजपा का पलटवार

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने इस कदम का समर्थन करते हुए इसे “राजनीतिक साजिश” करार दिया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “यह केंद्र सरकार की बदले की राजनीति का हिस्सा है। राबड़ी देवी को न्याय मिलना चाहिए।” वहीं, भाजपा ने राबड़ी देवी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचारियों की चाल है। एक भाजपा नेता ने टिप्पणी की, “अदालतें स्वतंत्र हैं, आरोपियों को फैसलों से भागना नहीं चाहिए।”

यह मामला बिहार की राजनीति में पहले से ही गरमाया हुआ है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर। लालू परिवार पर लगे अन्य मामलों, जैसे चारा घोटाला, ने भी उनकी छवि प्रभावित की है।

आगे की राह: अदालत का फैसला और संभावित सुनवाई

प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज अगले हफ्ते इस याचिका पर सुनवाई कर सकते हैं। यदि ट्रांसफर स्वीकार हो जाता है, तो मामलों की सुनवाई नई अदालत में होगी, जो ईडी-सीबीआई की जांच को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह याचिका लंबी कानूनी लड़ाई का संकेत है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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