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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ब्राजील उपराष्ट्रपति और रक्षा मंत्री से महत्वपूर्ण बैठक: शांति रक्षा सहयोग को नई दिशा

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2025 – भारत और ब्राजील के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा सैनिकों के देशों (UNTCC) के मुख्य सम्मेलन के दौरान ब्राजील के उपराष्ट्रपति और रक्षा मंत्री से द्विपक्षीय वार्ता की। यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें 32 देशों के सैन्य नेता शांति रक्षा अभियानों की चुनौतियों पर चर्चा कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को रेखांकित करते हुए वैश्विक शांति और सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

सम्मेलन का पृष्ठभूमि: भारत की मेजबानी में वैश्विक चर्चा

14 से 16 अक्टूबर तक चलने वाले इस UNTCC मुख्य सम्मेलन की शुरुआत आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। सम्मेलन में अल्जीरिया, आर्मेनिया, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भूटान, ब्राजील, बुरुंडी, कंबोडिया, मिस्र, इथियोपिया, फिजी, फ्रांस, घाना, इटली, कजाकिस्तान, केन्या, किर्गिजिस्तान, मेडागास्कर, मलेशिया, मंगोलिया, मोरक्को, नेपाल, नाइजीरिया, पोलैंड, रवांडा, श्रीलंका, सेनेगल, तंजानिया, थाईलैंड, युगांडा, उरुग्वे और वियतनाम जैसे 32 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, सम्मेलन में शांति रक्षा अभियानों की परिचालन चुनौतियों, साझा क्षमता निर्माण और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा होगी। राजनाथ सिंह ने उद्घाटन सत्र में कहा, “यह सम्मेलन न केवल चुनौतियों का समाधान खोजेगा, बल्कि वैश्विक शांति के लिए एकजुटता का प्रतीक बनेगा।” विदेश मंत्री एस. जयशंकर और संयुक्त राष्ट्र शांति संचालन के महानिदेशक जीन-पियरे लैक्रोइक्स भी संबोधित करेंगे।

ब्राजील के साथ द्विपक्षीय वार्ता: रक्षा सहयोग की नई ऊंचाइयां

सम्मेलन के साइडलाइन्स में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्राजील के उपराष्ट्रपति (जो संभवतः रक्षा मामलों में सक्रिय हैं) और रक्षा मंत्री से अलग से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने शांति रक्षा मिशनों में सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और तकनीकी साझेदारी पर चर्चा की। भारत और ब्राजील, जो दोनों ही BRICS सदस्य हैं, ने संयुक्त राष्ट्र मिशनों में एक-दूसरे के अनुभव साझा करने पर सहमति जताई।

ब्राजील के रक्षा मंत्री ने भारत की शांति रक्षा में अग्रणी भूमिका की सराहना की, जबकि राजनाथ सिंह ने ब्राजील के दक्षिण अमेरिकी क्षेत्र में योगदान को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में संयुक्त सैन्य अभ्यास, खुफिया जानकारी साझा करना और आपदा प्रबंधन में सहयोग जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। यह मुलाकात जुलाई 2025 में ब्राजील में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के बाद भारत-ब्राजील संबंधों को और मजबूत करने का हिस्सा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से भेंट की थी।

वैश्विक संदर्भ: शांति रक्षा में भारत की भूमिका

भारत दुनिया का सबसे बड़ा शांति रक्षा सैनिक योगदानकर्ता देश है, जो वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के तहत 5,000 से अधिक सैनिकों को विभिन्न मिशनों में तैनात रखता है। यह सम्मेलन भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (दुनिया एक परिवार) की नीति को प्रतिबिंबित करता है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठकें, रक्षा प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी आयोजित किए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्राजील के साथ यह सहयोग दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करेगा, खासकर अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में शांति प्रयासों में।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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